वृक्षासन का अर्थ है वृक्ष के समान मुद्रा। इस आसन का अभ्यास खड़े होकर किया जाता है। इस आसन के अभ्यास से शारीरिक तनाव दूर होता है। हिप्स और घुटनों के लिए भी यह आसन लाभप्रद है। वृक्षासन के अभ्यास से शारीरिक संतुलन और दृढ़ता बढ़ती है। पैरों एवं घुटनों के लिए भी यह आसन फायदेमंद है।
कैसे करें वृक्षासन
असान का अभ्यास करते समय सबसे पहले दाएं पैर को जमीन पर दृढ़ता से रखें।इसके बाद बाएं पैर को धीरे-धीरे उठाएं और उसे दाएं पैर के घुटने के ऊपर रखें। इसके बाद दोनों हाथों को प्रर्थना की मुद्रा में लाएं। संतुलन बनाने के बाद दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं। अपना ध्यान आंखों के मध्य में केंद्रित करें और इस अवस्था में एक से दो मिनट खड़े रहें।पांच से दस बार दांए पैर पर बाएं पैर को रखकर योग का अभ्यास करने के बाद बाएं पैर पर दाएं पैर को रखकर अभ्यास करें।वृक्षासन से लाभ
शरीर को सुडौल बनाने में मदद करता है यह आसन।यह आसन घुटनों व पैरों को मजबूत बनाता है।इस आसन से आपकी एकाग्रता भी बढ़ेगी। हिप्स सुडौल दिखेंगे और शरीर का संतुलन बना रहेगा।