शुरुआत में भले ही उत्तानपादासन आपको कठिन लगे लेकिन धीरे-धीरे इसको करने से आपको अपच व गैस्ट्रिक जैसी समस्याओं से आसानी से छुटकारा मिल सकता है।
ऐसे करें उत्तानपादासन
जमीन पर चटाई बिछाएं और उस पर सीधा लेट जाएं। दोनों हाथों को शरीर से सटाकर सीधा रखें। एक से दो मिनट तक शांत मुद्रा में लेटे रहें। इसके बाद सांस खींचें और दोनों पैरों को सीधा ऊपर की ओर उठाएं। सिर को जमीन से टिकाए रखें।पैर 90 डिग्री के कोण पर छत की ओर ले जाएं। कुछ समय तक इसी मुद्रा में रहें और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में लौट आएं।
उत्तानपादासन के लाभ
उत्तानपादासन पेट, पैर और कमर के लिए काफी लाभप्रद होता है।इस आसन का नियमित अभ्यास करने से अपच और गैस्ट्रिक की परेशानी दूर हो जाती है। कमर दर्द की शिकायत में भी यह काफी फायदेमंद होता है। इसके अभ्यास से कमर सुडौल दिखती है। प्रसव के बाद महिलाओं को इसका अभ्यास करना चाहिए इससे उनका शरीर सुडौल दिखता है। हार्निया के रोग से छुटकारा दिलाने में भी उत्तानपादासन काफी लाभकारी होता है।
सावधानी
जब कमर में दर्द तथा मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत हो, उस समय इस आसन का अभ्यास नहीं करें। गर्भावस्था के दौरान महिलाएं अभ्यास न करें।