तनाव भरे माहौल और व्यस्त जीवनशैली में पुरुषों के लिए सेहत से जुड़ी की समस्याएं, मसलन कामेच्छा घटना, पाचन से संबंधित समस्याएं, वीर्यपात आदि दिक्कतें आम हैं।
ऐसे में अगर आप प्राकृतिक तौर पर इनसे बचाव चाहते हैं तो नियमित तौर पर उत्तानपादासन का अभ्यास आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
पुरुषों के लिए उत्तानपादासन के फायदे
- यह शरीर के निचले हिस्से में रक्त संचार बढ़ाता है जिससे कामेच्छा कम होने और वीर्यपात जैसी स्थिति में आराम मिलता है।
- यह आंतों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
- कांस्टिपेशन जैसी पाचन से संबंधित समस्याओं को दूर करने में मददगार है।
- शरीर के मेटाबॉलिज्म को दूर करता है।
आसन की सही विधि
- आसन पर पीठे के बल सीधे लेट जाएं।
- दोनों हाथों को कमर के बगल में सीधा रखें।
- अब गहरी सांस लेते हुए पैरों को एक साथ उठाएं जिससे पैरों से शरीर का 30 डिग्री का कोण बन सके।
- धीरे-धीरे पैर नीचें रखें।
- नियमित अभ्यास के साथ-साथ पैरों को 30, 60 और 90 डिग्री के कोण तक उठा सकते हैं।
- दोनों पैरों से दिक्कत हो तो एक-एक पैर को उठाकर भी यह आसन कर सकते हैं।
ध्यान रखें
कमर दर्द या घुटने से संबंधित समस्या है तो इस आसन को करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।