इस आसन में शरीर हल के आकार का दिखता है इसलिए इसे हलासन के नाम से जाना जाता है। फिटनेस के लिए इस आसन का कोई जोड़ नहीं है।
कैसे करें हलासन
प्रातः काल जमीन पर आसन बिछाकर उस पर लेट जाएं और कुछ देर मन को शांत रखें। इसके बाद दोनों हाथों को शरीर से दूर ले जाएं। अब धीरे धीरे सांस छोड़े और दोनों पैरों को ऊपर उठाएं। फिर पैरों को पीछे की ओर सीधे जमीन पर झुकायें। पंजों को जमीन से सटाएं। सिर को बिलकुल सीधा रखें। इस अवस्था में एक से दो मिनट रहें, फिर सांस लेते हुए पैरों को सामान्य अवस्था में ले आएं।
हलासन से लाभ
इस आसन से रीढ़ की हड्डियां लचीली बनी रहती है जिससे शरीर फूर्तिला और जवान बना रहता है।पेट बाहर नहीं निकलता है और शरीर सुडौल दिखता है। वीर्य विकार और श्वसन संबंधी रोग में भी इस आसन से काफी लाभ मिलता है।
सावधानी
इस आसन को सुबह खाली पेट में करें। गर्भवती महिलाओं को यह आसन नहीं करना चाहिए। रीढ़ की हड्डियों में दर्द होने पर आसन नहीं करें।