सर्दियों में अवसाद की समस्या की आशंका सबसे अधिक होती है। वैसे भी बदलती जीवनशैली, तनावमुक्त वातावरण और प्रदूषित पर्यावरण की वजह से भी अवसाद के मामले निरंतर बढ़ रहे हैं। योग में अवसाद के उपचार के लिए ब्रह्म मुद्रा आसन बहुत कारगर योगासन है। इसके नियमित अभ्यास से आपको न सिर्फ अवसाद से मुक्ति मिलती है बल्कि कई मानसिक व शारीरिक समस्याओं का भी निदान होता है।
कैसे करें ब्रह्म मुद्रा आसन
इस आसन को करने के लिए पहले पद्मासन, सिद्धासन या वज्रासन में अच्छी तरह से बैठ जाएं। फिर गर्दन सीधी रखते हुए धीरे-धीरे दाईं ओर ले जाएं। कुछ देर रुकें और फिर गर्दन को सीधे बाईं ओर ले जाएं। फिर कुछ सेकंड बाद पुनः दाईं ओर सिर घुमाएं। अब सिर को 3-4 बार क्लॉकवाइज और उतनी ही बार एंटी क्लॉकवाइज घुमाएं।
ब्रह्म मुद्रा के लाभ
इस आसन को करने से अवसाद व तनाव तो दूर होता है ही, साथ ही मूड फ्रेश रहता है। इसके नियमित अभ्यास से गर्दन की मांसपेशियां लचीली होती हैं और स्पोंडिलाइटिस नहीं होता। इससे आलस्य भी कम होता जाता है और बदलते मौसम के सर्दी-जुकाम और खाँसी से छुटकारा भी मिलता है।
ध्यान रखें
जिन लोगों को सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस, थाइरॉयड या गर्दन से संबंधित कोई गंभीर रोग हो वे चिकित्सक की सलाह पर ही यह योगासन करें।