फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अगर आपको भी हमेशा प्यार पाने की तलब रहती है

विज्ञापन
विज्ञापन
अगर किसी समाज के लोग भूखे हैं, तो वहां भूख की अहमियत सबसे ज्यादा होगी। इसी तरह अगर आपको प्रेम नहीं मिला है तो प्रेम की सबसे ज्यादा अहमियत होगी। जहां किसी चीज़ की कमी की भावना होती है तो उसका महत्व बहुत ज्यादा लगता है। चीज़ मिल जाने के बाद वो बात नहीं रहती। सामाजिक बदलाव निरंतर होने वाला एक ऐसा बदलाव है, जिससे निपटने के तरीकों को लेकर लोग आज भी जूझ रहे हैं।
विज्ञापन


दरअसल, व्यवस्था कुछ ऐसी रही है कि घर की महिलाएं बच्चों के पास रहेंगी और उन्हें भरपूर प्रेम देंगी, लेकिन चीजें एकदम बदल गईं। नई व्यवस्था के साथ हम तालमेल ही नहीं बैठा पा रहे। लोगों की एक से दो पीढ़ियां ऐसी निकल गईं, जो उस प्रेम और देखभाल से वंचित रह गईं जो उन्हें मिलना चाहिए था।

पूरा नजरिया ही बदल चुका है। दुनिया में बहुत सी चीजें बदल चुकी हैं। उसके प्रति नजरिए में भी बदलाव आ चुका है। इसके अलावा, समाज में तमाम तरह की सुविधाएं भी आ चुकी हैं। यही वजहें हैं, जिनके चलते पश्चिमी देशों में प्रेम की इतनी ज्यादा बात होती है।
विज्ञापन

प्रेम में आनंद और मजा का फर्क

मैं प्रेम को हल्का करके पेश करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। प्रेम तो जिंदगी का एक बेहद जरूरी हिस्सा है। चीजों को जरा दूसरे नजरिए से देखिए। आप अपने जीवन में सुख की तलाश करते हैं।

सुख का मतलब क्या है? अगर हमारा शरीर सुखी हो जाए तो आमतौर पर हम इसे स्वास्थ्य कहते हैं। अगर यह ज्यादा सुखद हो जाए तो इसे हम मजा कहते हैं।

दिमाग सुखी हो जाए तो इसे हम शांति कह देते हैं। बहुत ज्यादा खुशनुमा अहसास होने लगे तो हम इसे खुशी कहते हैं। भावनाएं सुखद हो जाएं तो इसे हम प्रेम कहते हैं।

अगर आपकी जीवन ऊर्जाएं सुखद हों तो हम इसे आनंद कहते हैं और अगर यह बेहद सुखद हो जाएं, इसे परमानंद कहते हैं।

विज्ञापन

इंसान के लिए कितना प्यार जरूरी है?

सोचिए अगर आपके पास बहुत सारा प्यार हो और आप दीन-हीन हों, जैसा कि दुर्भाग्य से बहुत सारे लोगों के साथ होता भी है, तो मुझे नहीं लगता कि आप खुश रह पाएंगे।

जब आपके भीतर शांति होती है तो आपका हर चीज के साथ एकाकार हो जाता है। जो लोग यह कहते हैं कि इस दुनिया का मूल प्रेम है, वे कहीं न कहीं अपने अंदर इससे वंचित रहे हैं।

हमें किसी ने नहीं बताया कि वह हमें प्रेम करता है। मेरी मां ने मुझसे कभी नहीं कहा कि वह मुझे प्रेम करती है और न ही मैंने सोचा कि वह प्रेम करती है या नहीं।

मुझे कभी अहसास ही नहीं हुआ कि मुझे प्रेम की आवश्यकता है। ये चीजें एक खास तरह के अभाव की वजह से पैदा हो रही हैं। किसी इंसान के लिए प्रेम एक खूबसूरत अहसास और जीने का एक शानदार तरीका हो सकता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें