जब दुकान पर जाकर 10-12 घंटे बैठते हो, तो हजार पांच सौ रुपये मिलते हैं, तो दो अगरबत्ती दो मिनट घुमाने से भगवान क्या देंगे? घंटा दो घंटा पढ़ने से कोई आईएएस की परीक्षा पास करेगा क्या? थोड़ी पढ़ाई से कोई बड़ी परीक्षा टॉप करेगा?
वल्लभाचार्य ने लिखा है कि दुनियादारी के लिए हम कितना प्रयास करते हैं, तो भगवान तो परमार्थ हैं, परम अर्थ हैं, सबसे बड़ा धन हैं, उन्हें कमाने के लिए लाखों करोड़ों गुना ज्यादा प्रयास की जरूरत है। दो मिनट के ध्यान, इलायची दाना भोग लगाने से काम नहीं चलेगा।
भगवान ने हमें मनुष्य जीवन दिया है। हम अपने ही कर्मों से प्राप्त इस जीवन को, जो भगवान के परम अनुग्रह से हमें प्राप्त हुआ, उसका मोक्ष के लिए उपयोग करें। हमें स्वर्ग नहीं जाना है, हमें ब्रह्म लोक नहीं जाना है। हमें गणेश लोक नहीं जाना है। हमें देवी लोक नहीं जाना। हमें अब किसी दूसरे के लोक में नहीं जाना, हमें तो राम कृष्ण के लोक में जाना है। जहां जाने से लौटा नहीं जाता, वही मेरा धाम है।