Tulsidas Jayanti 2026: आज, 19 अगस्त को गोस्वामी तुलसीदास की जयंती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष श्रावण मास की सप्तमी के दिन तुलसीदास जयंती मनाई जाती है। गोस्वामी तुलसीदास ने धर्म और साहित्य के क्षेत्र में एक महान काम किया था। गोस्वामी तुलसी दास ने महान ग्रंथ श्रीरामचरितमानस समेत कुल 12 ग्रंथों की रचना की। जिसमें सबसे ज्यादा महत्व श्रीरामचरितमानस की है जो, सरल अवधि भाषा में लिखी। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस की चौपाईयों में जीवन में आने वाली अलग-अलग समस्याओं के बारे में और उनको निवारण के बारे में बातें गई हैं। रामचरितमानस की चौपाईयों में जीवन में आने वाली परेशानियों से निजात दिलाने के लिए कई चौपाईयों का पाठ करने के महत्व के बारे में बताया गया है। इन चौपाईयों में जीवन के सभी पहलुओं जैसे पढ़ाई, सेहत, आर्थिक स्थिति और रिश्तों को बनाए रखने के लिए बाते गई हैं। गोस्वामी तुलसीदास जयंती के मौके पर आइए जानते हैं रामचरितमानस की कुछ चौपाईयों के बारे में...
जरूर करें इन चौपाईयों का पाठ
- अगर आपकी संतान पढ़ाई में कमजोर है या फिर उसका मन नहीं लगता है तो तुलसीदास द्वारा रचित विद्या प्राप्ति की चौपाई का 21 बार जप करें।
चौपाई
गुरु ग्रह गए पढ़न रघुराई।
अलपकाल विद्या सब आई।।
- परिवार में अपने सगे-संबंधियों संग रिश्ते को मधुर, अच्छा करने के लिए और आपस में प्रेम भाव को बढ़ाने के लिए इस चौपाई का 11 बार जाप करें।
चौपाई
सब नर करहिं परस्पर प्रीती।
चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनिती।।
- अच्छे स्वास्थ्य, निरोगी काया और सेहत संबंधी परेशानियों से निजात पाने के लिए इस चौपाई का 11 बार जाप करें।
चौपाई
दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज नहिं काहुहिं व्यापा।।
- संतान की इच्छा रखने वाले माता-पिता को इस चौपाई का 51 बार जप करें।
चौपाई
प्रेम मगन कौशल्या निसिदिन जात न जान।
सुत सनेह बस माता बाल चरित कर गान।।
- जीवन में अचानक से आने वाली परेशानियों से निजात पाने के लिए इस चौपाई का 108 बार जप करें।
चौपाई
दीन दयाल बिरिदु संभारी।
हरहु नाथ मम संकट भारी।।