अगर आपके विवाह में देरी हो रही है या फिर कई बार बनते बनते बात बिगड़ जाती है तो आने वाले अक्षय तृतीया को आप ग्रहों को शांत करें। शादी में देरी का ग्रह एक सबसे बड़ा कारण है। जानिए शादी में होने वाली देरी के जिम्मेदार ग्रह और निवारण के उपाय
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इनके कारण होती है देरी
-ज्योतिशास़्त्र के अनुसार मंगल, शनि और गुरु शादी में देरी का कारण होते है। व्यक्ति की जन्म कुंडली में सातवां स्थान जीवनसाथी का होता है और अगर इस जगह पर गुरु है तो उस व्यक्ति का विवाह 30 वर्ष की आयु के बाद होता है। अगर व्यक्ति का विवाह इससे पहले होता है तो वह शादी ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल पाती।
- जन्म कुंडली में पहले, चौथे, सातवें, दसवें और बारहवें स्थान पर मंगल होने होने पर कुंडली मंगली होती है। यानि वह व्यक्ति मांगलिक होता है। ऐसे व्यक्तियों की शादी भी 30 वर्ष की उम्र के बाद ही होती है। विवाह के समय ध्यान रखें कि इनका विवाह भी मांगलिक से ही हो।
-शनि की वजह से भी शादी में देरी होती है। पहले, चौथे, सातवें, दसवें और बारहवें भाव में शनि के होने के कारण कुंडली शनि ग्रस्त मानी जाती है। ऐसे व्यक्तियों के विवाह में 35 की उम्र तक अड़चनें आती हैं।