फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्यों इन दिनों चलन में है कछुए वाली अंगूठी, जानिए 5 कारण

Thu, 20 Sep 2018 12:03 PM IST
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन

ज्योतिष शास्त्र में कुंडली में अशुभ ग्रहों का शान्त करने के लिए कई उपाय बताए गए है। इन्हीं उपायों में लोग अपनी उंगलियों में रत्नों से जड़ित कई तरह की अंगुठियां पहनते हैं। आजकल रत्नों के अलावा लोगों के उंगलियों में कछुए वाली अंगूठी का चलन जोर पर है। आइए जानते हैं क्यों पहनी जाती है कछुए वाली अंगूठी।

विज्ञापन

 
- कछुए वाली अंगूठी को ज्योतिष में बहुत शुभ माना गया है। इस अंगूठी को पहनने से कई तरह के अशुभ ग्रह के दोष से छुटकारा मिलता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। शास्त्रों में कछुए को उन्नति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। ऐसी मान्यता है कछुआ समुद्र मंथन से उत्पन्न हुआ था।

- कछुए को धन की देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इस कारण से यह प्राणी संपन्नता और समृद्धि का प्रतीक है। कछुए की डिजाइन की अंगठूी को चांदी के में बनवाना शुभ होता है।
विज्ञापन

- कछुए वाली अंगुठी को इस तरह से बनवाना और पहनना चाहिए कि कछुए के सिर वाला हिस्सा पहनने वाले व्यक्ति की ओर होना चाहिए।

-कछुए वाली अंगुठी को सीधे हाथ की मध्यमा या तर्जनी अंगुली में पहनना शुभ होता है। इसके अलावा जब भी इस अंगूठी को पहने तो उस दिन शुक्रवार का दिन होना चाहिए। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित होता है।
विज्ञापन


-कभी भी इस अंगूठी को पहनने के बाद बार-बार घुमाना नहीं चाहिए। इसे घुमाने पर कछुए की सिर की दिशा बदल जाती है जिससे लाभ की जगह हानि होने लगती है।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें