शनि की साढ़ेसाती का नाम सुनते ही लोगों में एक डर दिखने लग जाता है और डर दिखे भी क्यों ना। साढ़ेसाती मतलब साढ़े सात साल व्यक्ति को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसी पर साढ़ेसाती लगने के बाद आर्थिक परेशानी से लेकर शारीरिक परेशानी, बनते कामों का बिगड़ना, पूरे कर्ज में डूब जाना जैसी कई परेशानियां एक के बाद एक आने लगती है।
हालांकि साढ़ेसाती में गिनती के कुछ ऐसे भी लोग होते है, जिन्हें इसमें शुभ फल मिलता है। वैसे अधिकतर मामलों में साढ़ेसाती हमेशा ही अशुभ फल देता है। हालांकि साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय भी है जिसे सूर्यव्रत को अहम माना जाता है।
- किसी भी रविवार को सूर्यव्रत का प्रारम्भ किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रखें जिस रविवार को इस व्रत को शुरू करें उससे पहले वाले दिन शनिवार को दो नागबेल के पत्ते, सुपारी, लाल फूल, और तांबे का पैसा लेकर हनुमान जी के मंदिर में जाकर उन्हें अर्पित करें। सूर्यव्रत को 121 रविवार करना होता है।