हम सभी इस धरती पर आए हैं उस परमेश्वर का सानिध्य पाने के लिए। इसके लिए कई बार मन में छटपटाहट भी होती है और हम इस दिशा में आगे बढ़ते भी हैं लेकिन हम रास्ते में भटकने लगते हैं और वहीं पहुंच जाते हैं जहां से यात्रा शुरू की थी। अगर अपने मंजिल तक पहुंचने की चाहत है तो आठ शब्दों को याद रखें प्रार्थना, प्रेरणा, प्यास, पराक्रम, पुरुषार्थ, प्रतीक्षा, प्रयास, प्रसाद। इन्हें याद रखेंगे तो उस परम प्यारे से मिलने में देर नहीं लगेगी।
हर मनुष्य को चाहिए कि वह संसार की चाहना नहीं रखे। उस परम के प्रति प्रेम और चाहत रखे। जो ऐसा करता है उसे संसार के पीछे भागना नहीं पड़ता है बल्कि संसार उसके पीछे-पीछे चला आता है। ऐसा व्यक्ति परम धाम की यात्रा आसानी से पूरी कर लेता है।
मैं कहूंगा कि भगवान की कृपा याद करो और सोचो कि आप जिन्दगी-बिताने नहीं आए, जीवन जीने के लिए आए हैं। निर्वाह नहीं करना, जीवन जीना है। बेबसी से जीवन जीने के लिए दुनिया में नहीं आए, बेहतर जीवन जीने के लिए आप आए हैं। इसके लिए अपने को मार्ग निर्देशक से जोड़कर रखें। आपका प्रेरणा स्रोत आपका गुरु है, जब यह भावना आ जाएगी आप आगे बढ़ते जाएंगे।
अपनी शक्तियां पहचानें, सकारात्मक सोच रखें। विश्वास परमात्मा का, सदगुरु का, स्वयं का और बुजुर्गों का आशीर्वाद सब काम करता है। अपने अन्दर की ज्योति का सहारा लो कभी भी हार मानना नहीं, हार मान गए तो हार जाओगे। सफल होना है, जरुर होना है, निराशा-उदासी नहीं आने देना क्योंकि उदासी नकारात्मक रूप है और आशा सकारात्क रूप है।
सबसे बड़ी सकारात्मक शक्ति है आपकी मुस्कुराहट, अपनी मुस्कराहट बनाए रखें। दुःख-समस्या आए घबराए नहीं, मन को शान्त करके समस्या का समधन खोजें। माथा ढीला छोड़ें, चेहरे पर मुस्कान लाएं, लम्बे गहरे श्वास लें, प्रभु का नाम लेकर, प्रणाम करके उससे पूछें क्या करूं? कैसे करूं? तू ही बता। तनाव मुक्त होते जाओ, गाओ- गुनगुनाओ, हंसो मुस्कराओ।
साभारः विश्व जागृति मिशन
श्री सुंधाशु जी महाराज जीवन परिचय
सुधांशु जी महाराज का जन्म 2 मई 1955 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हुआ। इन्होंने गायत्री मंत्र द्वारा अज्ञानता दूर करने की विधि को जाना। बाल्यावस्था में ही इन्होंने मंत्र और श्लोकों का अच्छा ज्ञान अर्जित कर लिया था। 24 मार्च 1991 को रामनवमी के दिन इन्होंने दिल्ली में विश्व जागृति मिशन की स्थापना की।
देश-विदेश में इसकी कुल 80 शाखाएं हैं। इस मिशन के द्वारा सुधांशु जी महाराज भारत ही नहीं विदेशों में भी अध्यात्म और जनकल्याण का संदेश प्रचारित कर रहे हैं। इनका मिशन निर्धनों और कमज़ोर व्यक्तियों की सहायता करता है।
दिल्ली स्थित इनके आनन्दधम आश्रम में अस्पताल मौजूद हैं जहां गरीब व्यक्तियों को मुफ्त चिकित्सा सेवा उपलब्ध करायी जाती है। अन्य आश्रमों में भी बुजुर्गों एवं गरीबों के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है। समय-समय पर विश्व जागृति मिशन के द्वारा सुधांशु जी महाराज देश-दुनिया में पीड़ित लोगों की सेवाओं में भी योगदान देते हैं।