फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मगरमच्छ की कहानी, जिसने तोते को बताई उसकी पहचान

Tue, 20 Feb 2018 09:39 PM IST
संपादकीय डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन

एक तोता बहुत उदास था। मां ने पूछा, क्या हो गया तुम्हें? तोता बोला, मुझे अपनी चोंच पसंद नहीं। इसकी वजह से मैं बहुत भद्दा दिखता हूं। मां ने कहा, मुझे तो तुम्हारी लाल चोंच बहुत अच्छी लगती है। तोता बोला, पर सारस,  हंस,  गौरैया, बतख के आगे मेरी चोंच बेढंगी लगती है। मां बोली, बेटा, तुम एक काम करो, मगरमच्छ से मिलो।

विज्ञापन


जंगल में वही सबसे ज्ञानी हैं। शायद वही कुछ हल निकालें। तोता मगरमच्छ के पास जा पहुंचा और कहने लगा, मुझे अपनी चोंच से छुटकारा पाना है। मगरमच्छ हैरत में पड़कर बोले, पर क्यों? तु्म्हारी चोंच तो एकदम ठीक दिखती है। तोता बोला, हंस, बतख,  बाज की चोंच कितनी खूबसूरत है। मुझे अपनी चोंच से छुटकारा पाना है। मगरमच्छ बोले, अच्छा देखते हैं, तुम पर कौन-सी चोंच अच्छी लगती है। तुम्हें खाने में चूहे, खरगोश या छोटे जानवर पसंद है क्या? तोता बोला, कैसी बात कर रहे हैं! मैं यह सब कैसे खा सकता हूं?

मगरमच्छ बोले, अच्छा तो तुम्हें मछलियां पसंद होंगी। या फिर पानी में तैरने वाले छोटे कीड़े? तोता नाराज होकर बोला, यह सब खाने की बात तो मैं सपने में भी नहीं सोच सकता। मगरमच्छ बोले, तुम्हें मिर्च, बादाम, टमाटर या अन्य कोई फल या सब्जी तो बिल्कुल भी पसंद नहीं होगी? तोता बोला, यह आप क्या कह रहे हैं? आप तो जानते हैं, हम तोतों को यही पसंद हैं। और मूंगफली तो मुझे सबसे स्वादिष्ट लगती है।
विज्ञापन


मगरमच्छ बोले, हममें से हरेक में कुछ खास गुण, खास हुनर, खान-पान और रहन-सहन होता है। जैसे कि बाज की चोंच और पंजे मजबूत होते हैं, ताकि वह चूहों या छोटे जानवरों का शिकार कर सके। बतख को तैरने वाले पंजे, हंस को लंबीं टांग और लंबी चोंच दी जाती है, जिससे कि वे पानी में जाकर मछलियों व पानी के कीड़े-मकोड़ों को पकड़ सकें। और तुम तोतों को ऐसी चोंच दी जाती है, जो मूंगफली, बादाम आदि चोंच से तोड़ सके। तुम्हारी चोंच से ही तुम्हारी पहचान है।
विज्ञापन


दूसरों को देखकर खुद को बदलने की बात सोचना बेवकूफी है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें