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ऐसी नींद से संभव है रोगों का उपचार

Wed, 07 Aug 2013 12:28 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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आजकल बहुत लोगों को अनिद्रा ने पीड़ित कर रखा है। यह जैसे आज के आधुनिक युग के लिए एक श्राप ही बन चुका है। ठीक से सो नहीं सकते। बिस्तर पर चले तो जाते हैं, लेकिन करवटें ही बदलते रह जाते हैं।
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नींद लाने के नुस्ख़े ही आजमाते रहते हैं। कोई कहता है गरम दूध पी लो, कोई कहता नहा लो। नींद लाने के ये जितने भी टोटके होते हैं, उन सभी को आज़माया जाता है, पर निद्रा देवी फिर भी नदारद ही रहती है।

अनिद्रा एक ऐसा श्राप है जो स्वास्थ्य को बिगाड़ देता है और गहन निद्रा वह आशीर्वाद है, जिसे हमने अपनी आकांक्षाएँ और लोभ के कारण गवां दिया है। योगनिद्रा इसी कमी को दूर करने का सही उपाय है। एक महिला ने पूछा कि योगनिद्रा करते हुए मैं सो जाती हूँ। तो यह तो ग़लत हो जाता है, इसको कैसे ठीक करूँ?
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मैं कहना चाहती हूँ कि अगर योगनिद्रा करते हुए नींद आ जाती है, तो यह अच्छा लक्षण है। इसमें दो बातें आपको समझनी होंगी। एक, आप प्राकृतिक और संतुलित नींद के क्रम की ओर वापस जा रहे हैं। शरीर और मन को निसर्गतः जिस चीज़ की आवश्यकता होगी उस चीज़ की पूर्ति होनी ही चाहिये।

अगर आपने तनाव और चिंता कर-कर के अपने तन और मन का स्वास्थ्य ख़राब कर लिया है, अपनी नींद ख़राब कर ली है, तो योगनिद्रा सब से पहले आपकी उस कमी को ठीक कर देगी। दूसरी बात, जितने मानसिक एवं शारीरिक रोग हैं, उन सभी का निवारण आप योगनिद्रा के माध्यम से कर सकते हैं।

कईयों को गहन उदासी रहती है। कईयों को आत्मविश्वास की कमी, स्वाभिमान की कमी रहती है। कईयों के मन को अनेक प्रकार के डर जकड़ लेते हैं। इन सभी मानसिक और शारीरिक रोगों को योगनिद्रा पहले ठीक कर देती है। योगनिद्रा में जब आप गहन विश्राम की स्थिति में निर्भय और स्वस्थ होने का संकल्प करते हैं और यह संकल्प आपके अवचेतन मन में पहुँच जाता है, तो इसके अत्यंत लाभकारी परिणाम सामने आते हैं।
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