फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sita Navami 2020: त्याग की परिभाषा है मां सीता, मां की इन बातों से सीखें जीवन जीने के तरीके

Sat, 02 May 2020 01:49 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
sita navami 2020
जीवन में मां सीता ने काफी संघर्ष किया। विवाह के तुरंत बाद 14 वर्षों का वनवास और फिर वनवास के दौरान रावण ने मां सीता का अपहरण कर लिया। राम ने जब रावण का वध किया तो उसके बाद मां सीता को अग्नि परिक्षा से गुजरना पड़ा। मां सीता के जीवन में बहुत सी कठीन परिस्थितियां आई पर मां ने कभी हार नहीं मानी। हालात कैसे भी हो मां नें हमेशा उनका डट कर सामना किया।
मां सीता ने एक मिसाल कायम करी व्यक्ति को कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। मां सीता के व्यक्तित्व और गुणों से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। आइए, जानते हैं सीता मां की 4 बातें, जिनको अगर हम अपने जीवन में अपना लेंगे तो कभी भी असफल नहीं होंगे.... 


 
विज्ञापन

2 of 5
त्याग की भावना
  • वनवास र्सिफ प्रभु श्री राम को मिला था परंतु मां सीता ने अपना पतिव्रता धर्म निभाते हुए महलों का सुख त्याग कर भगवान श्री राम के साथ वन जाने का निर्णय लिया और हर पल उनका साथ दिया। मां सीता ने एक बार भी नहीं सोचा वो वन में कैसे रहेंगी।  


 
विज्ञापन

3 of 5
- फोटो : sita
सभी कार्यों में निपुण
  • मां सीता सिर्फ गृहणी नहीं थी, वो भगवान श्री राम के साथ सभी कार्यों में उनका साथ दिया करती थी। वनवास के दौरान मां सीता और लक्ष्मण जी ने भगवान का पूरा साथ दिया।

 

4 of 5
मां सीता का साहसी व्यक्तित्व और भगवान श्री राम पर भरोसा
  • रावण ने अपहरण कर मां सीता को अशोक वाटिका में रख था, जहां रावण ने माता सीता को हर तरह से परेशान करने की कोशिश की थी। परंतु मां सीता ने रावण को डटकर सामना किया। मां सीता को भगवान श्री राम पर भरोसा था कि वो आएंगे और उन्हें रावण के इस बंधन से छुड़ा लेंगे।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मां सीता का विश्वास
  • हनुमान जी जब मां सीता के पास पहुंचे और उन्हें राम जी की अंगुठी दी तब मां सीता का विश्वास और बढ़ गया कि अब राम जी जल्दी आएंगे और उन्हें यहां से ले जाएंगे। मां सीता का विश्वास और बढ़ गया जब हनुमान जी ने अपनी शक्ति का परिचय मां सीता को दिया।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें