एक इंसान मृत्यु के निकट था। उसकी इच्छा यह जानने की हुई कि उसे मरने के बाद कहां दफनाया जाएगा। किस ताबूत में दफनाया जाएगा। वहां किस तरह के फूल रखे जाएंगे।
उसने अपने जीवन के अंतिम दो वर्ष दफनाने की जगह ढूंढने में लगा दिए। एक दुकान में जाकर उसने अपने लिए ताबूत चुना।
उसने सोचा उसकी मृत्यु के बाद यही उसका घर होगा। मृत्यु से पहले उसने इसे देख लिया है। वह फूलों की दुकान पर गया।
उसे अभिमान हुआ कि उसने उन फूलों को देख लिया था जबकि कोई भी मृतक और दफनाया गया व्यक्ति उन्हें कभी नहीं देख पाता है।