आगरा में सामूहिक तौर पर कई मुसलमानों का धर्म परिवर्तन करवाकर हिन्दू बनाए जाने के बाद से यह सवाल उठ रहा है कि क्या ऐसा करना धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से सही है?
द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने धर्म परिवर्तन करके हिंदू बनाए जाने पर अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा था कि 'लालच या प्रलोभन देकर किसी को भी हिंदू बनाया जाना गलत है।'
इसी तरह की सोच अखिल भारतीय गायत्री परिवार के प्रमुख और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रणव पांड्या भी रखते हैं। इन्होंने अमर उजाला को बताया कि, ' किसी भी व्यक्ति के धर्म परिवर्तन कराए जाने का मैं आज भी और हमेशा ही खिलाफ हूं। ऐसे करने से उस व्यक्ति की पहचान को गहरा धक्का लगता है।
पांड्या ने यह भी कहा कि 'मानवता और देश के हित में कई ऐसे काम प्राथमिकता में हैं जिन पर अभी काम करने की जरुरत है। इसलिए इस तरह के व्यवहार और बहस को रोका जाना चाहिए।'
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