इन दिनों नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ रूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। शास्त्रों में देवी दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना गया है। नौ दिनों तक उपवास और पूजा से शक्ति की साधना की जाती है। मां दुर्गा दुष्ट दानवों का विनाश करती हैं जिसके लिए उनके स्वरूप में वह सदैव अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं। मां दुर्गा के अलग-अलग शस्त्रों को धारण करने के पीछे संदेश छिपे हुए होते हैं।
- दुर्गा मां के कई हाथ होते हैं जिसका अर्थ है कि भगवान भी कर्म करते हैं। एक हाथ से नहीं बल्कि कई तरीकों से देव, दानव और मनुष्यों को उनके कर्मो के हिसाब से उनको फल देती हैं।
- मां के हाथों में फूल भी सुशोभित रहता है। मां फूल से भी दुष्टों का विनाश करने की शक्ति रखती हैं। इसलिए देवी मां अपने हाथों में फूल लिए हुए है।
- शंख- शंख का उपयोग मां ज्ञान प्रसारण के लिए करती है। मां के पास एक से अधिक उपाय है।
- सुदर्शन चक्र- मां के स्वरूप में सुदर्शन चक्र भी शुसोभित रहता है। जो इस बात का प्रतीक होता है कि इस संसार में परिवर्तन के लिए एक ही युक्ति से काम नहीं होता है।
- मां जितनी शक्तिशाली है उतनी ही दयावान भी है वह दानवों को भी अपने शस्त्रों के माध्यम से शुद्ध कर देना चाहती है, उन्हें मुक्त करना चाहती है। इसलिए भी मां इतने शस्त्र और अस्त्र धारण किए हुए हैं।