अर्जुन श्रीकृष्ण से कहते हैं कि मेरा मन बहुत चंचल है। उसे वश मे कैसे करूं? भगवान कहते हैं, अभ्यास और वैराग्य के जरिए मन वश में किया जाता है।
मन में राग है, इसलिए मन चंचल है। गोपियां अपने मन को श्रीकृष्ण से बचाने की कोशिश करती हैं। श्रीकृष्ण सखाओं के साथ जाकर गोपियों के घर से मक्खन की चोरी करते हैं।
फरियाद लेकर आई हुई गोपियों से मां यशोदा कहती हैं, तुम समझती क्यों नहीं हो। तुम अंधेरे में मक्खन रखो जिससे मेरे लाला को पता ही न चले।
गोपियों ने कहा, तुहारा लाला जहां जाता है वहां उजियारा ही हो जाता है। उनसे कुछ छिपा हुआ नहीं है। इनसे किस तरह से बचाके रखें?