मानव एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में एक बड़ा अधिकारी था। मानव के नीचे एक हजार से भी अधिक लोगों की कई टीमें काम करती थीं। वह अपने काम के प्रति गंभीर तथा अपने सहयोगियों के प्रति बहुत संवेदनशील रहता था। वह ख्याल रखता था कि उसके लोग खुश रहें, जिससे कि उसका काम सबसे अच्छा बना रहे। उसकी टीम के सभी लोग उसे बहुत मानते और चाहते थे। एक दिन मानव दफ्तर में घुस ही रहा था कि उसने देखा, जहां कर्मचारी काम कर रहे थे, वहीं ऊपर एक बिजली का तार टूटकर लटक रहा था।
मानव ने एक सेकंड की देर किए बिना सभी कर्मचारियों को धीरे-धीरे दफ्तर से बाहर निकाल दिया। वह खुद बाहर जाने ही वाला था कि एकदम से वह बिजली का नंगा तार उसकी पीठ पर गिर पड़ा। इत्तफाक से एक कर्मचारी वहीं पर मौजूद था, जिसने मानव को देख लिया और वह बच गया। अगले लगभग पंद्रह दिन तक मानव अस्पताल में भर्ती रहा। जब वह वापस लौटा, तो कंपनी ने एक बड़े उत्सव का आयोजन किया और मानव को ढेरों कर्मचारियों की जान बचाने के लिए सम्मानित किया।
उत्सव के लगभग एक महीने बाद मानव लंच कर रहा था कि तभी एक कर्मचारी ने आकर मानव से पूछा, आपको आपका नीला बैग और मोबाइल तो वापस मिल गया था न सर? मानव को याद आया कि जिस दिन वह हादसा हुआ था, वह एक नया नीला बैग और मोबाइल हाथ में लेकर आया था। मानव को जब बैग वापस मिला था, तो वह थोड़ा फट गया था, इसलिए उस एक दिन के बाद उसने वह बैग कभी इस्तेमाल ही नहीं किया। मानव हैरान था कि उस कर्मचारी को उसके बैग के बारे में कैसे पता।
वह कर्मचारी बोला, उस दिन जब बिजली का तार आप पर गिरा था, तब मैंने ही आपको बचाया और अस्पताल पहुंचाया था। मानव स्तब्ध रह गया। दूसरों की जान बचाने के लिए मानव का सम्मान हुआ। पर जिसने उसकी जान बचाई, वह उसे जानता भी नहीं था।