हिंदू धर्म में हाथ पर मौली बांधने का काफी महत्व है। हर पूजा पाठ या किसी भी शुभ काम से पहले हाथ पर मौली बांधी जाती है, जिसे कलावा या रक्ष्रा सूत्र भी कहते हैं। कलावा जहां एक ओर परंमपरा से जुड़ी है, वहीं विज्ञान के लिहाज से भी ये काफी मायनें रखती है। अक्सर हम हाथ पर बंधे कलावा को बदलने से दिन नहीं देखते। हाथ पर बंधा कलावा अगर काफी पुराना हो जाता है तो उसे कभी भी बदल कर नया बांध लेते है, जिसे अशुभ माना जाता है। यहां जानिएं कलावा से जुड़ी कुछ जरूरी बातें
- किसी भी धार्मिक कर्म कांड शुरू होने से पहले कलावा बांधा जाता है। वैसे मांगलिक कार्यक्रमों पर भी इसे बांधा जाता है। माना जाता है कि ये कलावा ही संकटों के समय हमारा रक्षा कवच बनता है, लेकिन इस कलावा को कभी भी नहीं बदलना चाहिए। मंगलवार और शनिवार कलावा बदलने का शुभ दिन होता है।
- इसे बांधने से सकारात्मक ऊर्जा भी मिलती है।