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रत्न भी करते हैं बीमारियों का इलाज, जानिए कैसे

Mon, 24 Apr 2017 01:43 PM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
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रत्न
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अगर आपको लगता है कि रत्नों का प्रयोग सिर्फ किस्मत को चमकाने के लिए ही किया जाता है तो शायद आप गलत हो सकते हैं। क्या आपको पता है कि रत्नों का प्रयोग दवाइयों के रूप में किया जाता है। इन रत्नों की मदद से कई रोगों का इलाज किया जा सकता है।
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- सबसे कीमती रत्न हीरे को माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यदि कोई मरीज मौत के करीब है और उसकी सांसे उखड़ रही है तो उसे हीरे की भस्म का सेवन कराने से रुकती सांसे वापस आ जाती है। हीरा शुक्र का प्रतिनिधित्व करता है। खून की कमी, मोतियाबिन्द को दूर करता है।

- मोती कैल्शियम की कमी के कारण होने वाली बीमारी को दूर करने के लिए एक बेहतर औषधि है। मोती की भस्म शीतल मधु होती है। इसीलिए इसे मुक्ता भस्म भी कहते है। वैध लोग इसकी भस्म को या गुलाबजल के साथ इसे बारीक पीसकर इसका पेस्ट मरीज को देते हैं। इसके प्रयोग से एनीमिया, अनिद्रा, श्वास रोग, खांसी, दिल की धकड़न समाप्त होती है। 
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- माणिक्य का पेट दर्द, कफ, कब्ज आदि के लिए काफ लाभदायक है। इसकी पि‌ष्टि और भस्म दोनों को फायदा पहुंचाती है।
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पन्ना
- मूंगा गर्भवती स्‍त्री के लिए फयदेमंद होती है। अगर किसी स्‍त्री का गर्भ ठहरता नहीं है तो इसकी शाखा को गुलाब जल या केवड़े के जल में घिसकर गर्भवती स्‍त्री के पेट पर लेप लगाएं। 

- सफेद पुखराज की भस्म कुष्ठ रोगियों के लिए फायदेमंद होती है। यह विष और विषाक्त कीटाणुओं की क्रिया को नष्ट करती है।

- नीलम की भस्म गठिया, पेटदर्द, मस्तिष्क की कमजोरी और मिर्गी  रोग के लिए लाभदायक है।

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- पन्ना की भस्म उल्टी, दमा रोगियों को राहत देती है।

- गोमेद को गुलाब जल या केवड़ा जल में मिलाकर अगर इस्तेमाल किया जाए तो त्वचा रोग से परेशान व्यक्तियों को फायदा मिलेगा।
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