डिकेंस नाम का एक धनी व्यक्ति अपने बेटे टोनी को एक बार गांव दिखाने ले गया। डिकेंस को अपना गांव छोड़े बहुत वर्ष हो गए थे। गांव से जब वह आया, तो फटेहाल था। कड़ी मेहनत कर उसने पैसा कमाया। फिर उसने शादी की और घर बसाया, लेकिन परिवार को यह एहसास तक नहीं होने दिया कि वह सामान्य परिवार से है। डिकेंस के गांव जाने का मकसद यह भी था कि उसका बेटा टोनी जान सके कि गरीब लोग कैसे रहते हैं। उन्होंने शहर से कुछ दूर अपने फार्म हाउस में दो दिन बिताए। इस बीच गांव में वे अच्छी तरह घूमे और वहां के लोगों को देखा-समझा।
जिस फार्म हाउस में वे दोनों ठहरे थे, वहां सामने ही एक गरीब परिवार रहता था। वापस लौटते समय डिकेंस ने अपने पुत्र से पूछा, बेटा, यात्रा कैसी रही? बहुत अच्छी, पापा, बेटे ने कहा। डिकेंस का अगला सवाल था, तो तुमने देखा कि गरीब लोग कैसे रहते हैं? बेटे ने जैसे ही हां कहा, तो डिकेंस ने तुरंत पूछा, तो तुमने यात्रा से क्या सीखा?
बेटे ने जवाब दिया, मैंने पाया कि हमारे पास तो एक ही कुत्ता है, जबकि उनके पास चार हैं। हमारा स्विमिंग पूल बहुत छोटा है, लेकिन वे बहुत बड़ी नहर में नहाते हैं। हमारे बगीचे में महंगे लालटेन लगे हैं, जबकि वे तारों भरे आकाश को देख सकते हैं। हमारे घर से दूर तक नहीं दिखता, लेकिन वे दूर-दूर की पहाड़ियां और घाटियां देख सकते हैं। हमारी देखभाल नौकर करते हैं, लेकिन वे गांववाले सभी का ख्याल रखते हैं। हम अपना खाना खरीदते हैं, लेकिन वे अपना खाना खुद उगाते हैं। हमारे घर की रक्षा के लिए चारदीवारी है, लेकिन उनके दोस्त उनकी रक्षा करते हैं।”