ग्रहों का जीवन में अहम स्थान होता है। जन्म से लेकर ही ग्रहों का प्रभाव हमारी जिंदगी में शुरू हो जाता है। हमारी हर आयु में ग्रहों का अलग- अलग प्रभाव होता है, लेकिन उनमें से नौ ऐसे वर्ष, जिसे ग्रहों के लिहाज से महत्तपूर्ण माने जाते है। जिन वर्ष में ग्रहों विशेष रूप से प्रभावित करते है। जानें किस वर्ष में कौनसा ग्रह करता है आपको अधिक प्रभावित
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-जीवन में सबसे पहले बृहस्पति ग्रह का असर होता है। उम्र का 16वां साल बृहस्पति का माना जाता है और यही वो उम्र होती है सब बच्चे सही और गलत की पहचान कर सके।बृहस्पति यदि चतुर्थ भाव में होता है तो 16वें साल में व्यक्ति शिक्षा के क्षेत्र में लाभ मिलता है और छठे भाव में होने पर हानि होती है।
- व्यक्ति के 22वां वर्ष सूर्य का माना गया है। सूर्य के उच्च में होने पर सरकारी कामों में लाभ मिलता है और अशुभ होने पर सरकारी कामों में बाधा आती है।
- चंद्रमा ग्रह का असर 24वें वर्ष में होता है। उच्च दशा में होने पर व्यक्ति को सांसरिक सुख मिलते है, वहीं इस ग्रह की चाल बिगड़ने पर मानसिक तनाव होता है।
ग्रहों की अच्छी स्थिति से मिलती है सफलता
- 25वें वर्ष में शुक्र अपना असर दिखाता है। ग्रह की अच्छी स्थिति में सांसरिक सुख की प्राप्ति होती है और दशा बिगड़ने पर सुख में बाधा आती है।
- मंगल ग्रह का असर उम्र के 28वें वर्ष में दिखता है। अगर उस समय आपका मंगल ग्रह अच्छा है तो मकान जमीन जायदाद आदि में अधिक लाभ मिलेगा। वहीं अशुभ होने पर इसके विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
- उम्र के 34वें वर्ष में बुध ग्रह अपना असर दिखाता है। यदि अच्छा हुआ तो आपको व्यापार में लाभ ही लाभ मिलेगा। नहीं तो व्यापार में हानि की संभावना रहती है।
- शनि का प्रभाव 36वें वर्ष में नजर आता है। अच्छा होने पर मकान, व्यवसाय और राजनीति में फायदा होता है, नहीं तो हानि होती है।
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- राहु अपना असर 42वें वर्ष में अपना असर दिखाता है। शुभ होने पर राजनीति सहित सभी क्षेत्र में विशेष लाभ मिलता है। अशुभ होने पर व्यक्ति को षडयंत्र का शिकार होना पड़ता है।
- केतु का असर भी 42वें वर्ष में ही नजर आता है। शुभ होने पर संतान के संबंध में लाभ और अशुभ होने पर हानि होती है।