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Chanakya niti: बुद्धिमान व्यक्ति भी ये कार्य करने से आ जाता है घोर कष्ट में

Wed, 16 Jun 2021 10:06 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान और महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल कर रख दिया था। इन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता और नीतियों के बलपर नंदवंश का नाश करके चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाया। ये मौर्य साम्राज्य के संस्थापक थे। चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री थे, इसलिए ये विष्णु गुप्त और कौटिल्य के रूप में विख्यात हुए। इतना समय व्यतीत हो जाने पर भी आज के समय में भी चाणक्य के सिद्धांत और नीतियां प्रासंगिक हैं। आचार्य चाणक्य ने अपने गहन अध्ययन, जीवन के अनुभवों से अर्जित अमूल्य ज्ञान को नि:स्वार्थ भाव से मानवीय कल्याण के उद्देश्य से ग्रंथों में पिरोया है। इन्हीं में से नीति शास्त्र में जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण नीतियां बताई गई हैं। चाणक्य नीति में कुछ ऐसी बातों के बारे में बताया गया है, जिसके कारण बुद्धिमान व्यक्ति भी कष्टों में आ जाता है। आइए जानते हैं नीति शास्त्र की महत्वपूर्ण बातें।
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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
मूर्ख को उपदेश देना
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि एक पंडित भी घोर कष्ट में आ जाता है यदि वह किसी मूर्ख को उपदेश देता है। मूर्ख व्यक्ति किसी की ज्ञान की बात को भी अपने कुतर्को के आगे नहीं मानते हैं। ऐसे लोगों को उपदेश देना केवल अपने बहुमूल्य समय की बर्बादी करना होता है। अपने ज्ञान को भी सदैव सही व्यक्ति को देना चाहिए ताकि वह सही प्रकार से उसका प्रयोग कर सके।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
दुष्ट पत्नी का पालन-पोषण करना
आचार्य चाणक्य कहते हैं, हर व्यक्ति का कर्तव्य होता है कि वह अपनी पत्नी का पालन-पोषण करे लेकिन जो व्यक्ति एक दुष्ट पत्नी का पालन-पोषण करता है, वह घोर कष्ट में आ जाता है। दुष्ट स्वभाव की स्त्री के कारण मान-सम्मान की हानि तो होती ही है साथ ही में व्यक्ति को मुसीबत का सामना भी करना पड़ता है। ऐसी स्त्री के कारण जीवन नर्क के समान हो जाता है।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
दुखी व्यक्ति से घनिष्ठ संबंध बनाने से
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति किसी दुखी व्यक्ति के साथ अत्यंत घनिष्ठ सम्बन्ध बना लेता है तो वह घोर कष्ट में आ जाता है। ऐसे व्यक्ति स्वयं तो हर समय दुखी रहते ही हैं साथ ही में आपको भी दुखी करते हैं। ऐसे में व्यक्ति हर समय स्वयं को परेशानियाें में घिरा हुआ अनुभव करता है और जीवन में आगे नहीं बढ़ पाता है।
 
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