आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान और महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल कर रख दिया था। इन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता और नीतियों के बलपर नंदवंश का नाश करके चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाया। ये मौर्य साम्राज्य के संस्थापक थे। चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री थे, इसलिए ये विष्णु गुप्त और कौटिल्य के रूप में विख्यात हुए। इतना समय व्यतीत हो जाने पर भी आज के समय में भी चाणक्य के सिद्धांत और नीतियां प्रासंगिक हैं। आचार्य चाणक्य ने अपने गहन अध्ययन, जीवन के अनुभवों से अर्जित अमूल्य ज्ञान को नि:स्वार्थ भाव से मानवीय कल्याण के उद्देश्य से ग्रंथों में पिरोया है। इन्हीं में से नीति शास्त्र में जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण नीतियां बताई गई हैं। चाणक्य नीति में कुछ ऐसी बातों के बारे में बताया गया है, जिसके कारण बुद्धिमान व्यक्ति भी कष्टों में आ जाता है। आइए जानते हैं नीति शास्त्र की महत्वपूर्ण बातें।