सार
Vijaya Ekadashi Tulsi Benefits: बता दें कि फाल्गुन माह में विजया एकादशी 23 फरवरी को दोपहर 01 बजकर 55 मिनट पर शुरू होकर 24 फरवरी दोपहर 01 बजकर 44 मिनट पर खत्म होगी। हालांकि, आपको बिल्कुल भी कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है क्योंकि विजया एकादशी 24 फरवरी को ही मनाई जाएगी।
विजया एकादशी पर करें तुलसी के ये अहम उपाय
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Tulsi Upaay: सनातन धर्म में एकादशी का काफी महत्व होता है। फरवरी माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और वह हर काम में सफल होता है। बता दें कि फाल्गुन माह में विजया एकादशी 23 फरवरी को दोपहर 01 बजकर 55 मिनट पर शुरू होकर 24 फरवरी दोपहर 01 बजकर 44 मिनट पर खत्म होगी। हालांकि, आपको बिल्कुल भी कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है क्योंकि विजया एकादशी 24 फरवरी को ही मनाई जाएगी।
पूजा विधि में करें यह विशेष काम
माना जाता है कि तुलसी भगवान विष्णु को अधिक प्रिय है। इसलिए तुलसी को विष्णुप्रिया के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे में विजया एकादशी के दिन जब आप पूजा के दौरान भोग लगाएं तो उसमें तुलसीदल जरूर शामिल करें। तुलसी के बिना भगवान का भोग अधूरा माना जाता है।
इस प्रकार करें पूजा
विजया एकादशी के दिन सबसे पहले सुबह उठकर स्नान कर लें और पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव भी कर लें। इसके साथ ही तुलसी जी को एक लाल चुनरी चढ़ाएं और उनके पास एक घी का दिया भी जला लें। इस तरह पूजा करने से आपको मां लक्ष्मी का खूब आशीर्वाद मिलेगा और आपके जीवन में आई सारी आर्थिक और धन से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाएंगी। यही नहीं, इसके साथ ही आपको भगवान विष्णु और तुलसी का भी आशीर्वाद मिलेगा।
करें यह तुलसी के उपाय
विजया एकादशी के दौरान आप अपने घर की सुख-समृद्धि के लिए तुलसी के चारों तरफ कलावा भी बांध सकते हैं। ऐसा करने से आपके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाएंगे और आप पर भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद भी बना रहेगा।
इन मंत्रों का करें जाप
नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये।।
तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।
तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।