5 जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर हमें न सिर्फ वृक्ष लगाने का संकल्प ही लेना चाहिए बल्कि पर्यावरण के लिए घातक चीजों की रोकथाम करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
World Environment Day 2024: पीपल के पेड़ के साथ कई धार्मिक भावनाएं जुड़ी होती है। मान्यता है कि इसकी जड़ में श्री विष्णु,तने में भगवान शंकर,तथा अग्रभाग में साक्षात ब्रह्माजी निवास करते हैं।
- फोटो : अमर उजाला
World Environment Day: निश्चित रूप से पेड़-पौधे जीवन जीने के लिए बहुत जरूरी हैं और हम सभी को नियमित रूप से पेड़ लगाना चाहिए। यह हमारे और हमारी पृथ्वी के लिए भी अच्छा है। इससे बहुत सारे लाभ हैं, जैसे कार्बनडाइ ऑक्साइड का अवशोषण, ऑक्सीजन का उत्पादन, जैव-विविधता को बनाए रखना, मिटटी की स्थिरता और जल चक्र के रेगुलेशन में मदद आदि। देखा जाए तो पर्यावरण का संरक्षण ही हमारे जीवन का सुरक्षा कवच है। 5 जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर हमें न सिर्फ वृक्ष लगाने का संकल्प ही लेना चाहिए बल्कि पर्यावरण के लिए घातक चीजों की रोकथाम करने पर भी ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं उन पेड़ों के बारे में जो वातावरण को भरपूर ऑक्सीजन देते हैं।
विज्ञापन
नीम
पर्यावरणविदों की मानें तो यह पेड़ एक नैचुरल एयर प्यूरीफायर है जो प्रदूषित गैसों जैसे कार्बन डाई ऑक्साइड, सल्फर और नाइट्रोजन को हवा से सोख कर पर्यावरण में ऑक्सीजन को छोड़ता है। नीम के पेड़ में संक्रमण का खात्मा करने के गुण मौजूद हैं।एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर नीम का वृक्ष दूषित वायुमंडल को शुद्ध कर स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करता है।इसकी पत्तियों की बनाबट ऐसी होती है कि नीम का एक स्वस्थ बड़ा पेड़ बहुत अधिक मात्रा में ऑक्सीजन उत्पादित कर सकता है। इसलिए हमेशा ज्यादा से ज्यादा नीम के पेड़ लगाने की सलाह दी जाती है, इससे आसपास की हवा हमेशा शुद्ध रहती है।
पीपल
पीपल के पेड़ के साथ कई धार्मिक भावनाएं जुड़ी होती है। मान्यता है कि इसकी जड़ में श्री विष्णु,तने में भगवान शंकर,तथा अग्रभाग में साक्षात ब्रह्माजी निवास करते हैं। यह पेड़ अन्य पेड़ों के मुकाबले ज्यादा ऑक्सीजन देता है,यानि करीब 22 घंटे से भी ज्यादा समय तक ऑक्सीजन देता है।दिन-रात ऑक्सीजन देने अर्थात जीवन दायिनी वायु देने के कारण इस वृक्ष को भगवान विष्णु का प्रतीक माना गया है। सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देने के कारण पर्यावरणविद पीपल का पेड़ लगाने की सलाह देते हैं।
विज्ञापन
बरगद
धार्मिक आस्थाओं के साथ-साथ यह वृक्ष पर्यावरण के संरक्षण और उसको साफ सुथरा बनाए रखने में भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।बरगद के पेड़ और इसकी पत्तियोें में कार्बन डाइऑक्साइड को सोखने की सबसे ज्यादा क्षमता होती है। पीपल के सामान ही यह वृक्ष भी बहुत अधिक मात्रा में ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं। इसलिए बरगद का वृक्ष भी पर्यावरण के लिए किसी वरदान से कम नहीं।
अशोक
पर्यावरण की दृष्टि से देखें तो अशोक का हरा-भरा पेड़ न सिर्फ ऑक्सीजन उत्पादित करता है बल्कि इसके फूल पर्यावरण को सुंगधित रखते हैं और उसकी खूबसूरती को बढ़ाते हैं।अशोक का पेड़ लगाने से न केवल वातावरण शुद्ध रहता है बल्कि उसकी सुंदरता से सकारात्मक माहौल रहता है।
बांस
पर्यावरण के लिहाज से अनुकूल बांस सबसे तेज बढ़ने वाला पेड़ या घास है।यह पर्यावरण संरक्षण में भी काफी अहम भूमिका निभाता है। बांस ऐसा पौधा है जिसकी पत्तियां ही नहीं बल्कि तना भी आक्सीजन देता है। बांस का पेड़ हवा को फ्रेश करने के काम में भी आता है। माना जाता है कि बांस का पेड़ अन्य पेड़ों के मुकाबले 30 फीसदी अधिक ऑक्सीजन छोड़ता है।