दिल्ली का अक्षर धाम मंदिर हो या गंगा घाट। आपने देखा होगा कि लोग मंदिर प्रांगण में बने जलाशय में सिक्के फेंकते हैं। गंगा नदी में भी श्रद्घालु स्नान करने के बाद पैसे फेंकते हैं। बहुत से ऐसे लोग हैं जो इस तरह पानी में पैसा फेंकने वाले को अंधविश्वासी समझते हैं।
जबकि पानी में सिक्का फेंकने वालों का मानना है कि ऐसा करने से उनके जीवन में चल रहा नकारात्मक प्रभाव दूर होता है। ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में खुशहाली आती है।
ऐसे में प्रश्न उठता है कि सही किसे माना जाए, वह जो पानी में सिक्का फेंकना अंधविश्वास मानते हैं या उन्हें जो इसे ईश्वर की कृपा पाने का साधन मानते हैं।