पूजा करते समय आप भगवान को फल-फूल और अक्षत यानी अखंडित चावल अर्पित करते होंगे। लेकिन क्या कभी सोचा है कि भगवान को अक्षत क्यों चढ़ाते हैं आखिर इसके पीछे क्या कारण है। धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो चावल अन्य अनाजों की अपेक्षा अधिक शुद्घ होता है क्योंकि यह धान के अंदर बंद रहता। इसलिए यह पशु-पक्षियों द्वारा जूठा नहीं किया जाता।
शास्त्रों में बताया गया है कि भगवान को वही चावल अर्पित करना चाहिए जो खंडित नहीं हो यानी अक्षत हो ताकि हम भगवान को यह बताएं कि हमारी भक्ति और आस्था में कहीं भी कोई खोट और कमी नहीं है और आप हमारी भक्ति को इसी रुप में स्वीकार करें।
इस रुप में हम भगवान से यह भी कामना करते हैं कि हमारी भक्ति कभी खंडित नहीं हो बल्कि दिनानुदिन बढ़ती जाए। अक्षत चढ़ाने से यह भी भाव प्रकट होता है कि हम जिस प्रकार आप पर पूर्ण श्रद्घा रखते हैं आप भी हम पर पूर्ण कृपा करें।