Ganesh Chaturthi 2025: देशभर में इस समय गणेशोत्सव की धूम है। लोग घरों पर गणपति की मूर्ति को स्थापित करते हुए उनकी पूजा-अर्चना कर रहे हैं। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। बिना गणेशजी जी पूजा करने से कार्यों में सफलता नहीं मिलती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता, सिद्धिदाता, बुद्धिप्रदायक और प्रथम पूज्य कहा गया है। विवाह हो या गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना हो या किसी पूजा-अनुष्ठान की शुरुआत, सबसे पहले गणपति जी का आवाहन और पूजन किया जाता है। उनके बिना कोई भी धार्मिक कार्य आरंभ नहीं किया जाता। आइए जानते हैं आखिरकार सभी देवी-देवताओं में सबसे पहले भगवान गणेशी की पूजा क्यों की जाती है।
गणेश पूजा का धार्मिक महत्व
गणेश जी को संकटमोचक कहा गया है। वे कार्य में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करते हैं। उनकी पूजा करने से नकारात्मकता दूर होती है, और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। उनके नाम का उच्चारण “ॐ गण गणपतये नमः” मन और मस्तिष्क को एकाग्र करता है। अतः जब कोई शुभ कार्य प्रारंभ किया जाता है, तो उसे निर्विघ्न संपन्न करने के लिए गणेश जी की पूजा की जाती है।
गणेश जी के प्रतीकात्मक रूप का रहस्य