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पूजा में न करें इस तरह के फूलों का इस्तेमाल, जानें भगवान को कैसे पुष्प अर्पित किए जाते हैं

Sat, 23 May 2020 01:19 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पूजा- पाठ में फूलों का इस्तेमाल किया जाता है। हम नित्य भी भगवान को पुष्प अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान को पुष्प अर्पित करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। भगवान को फूल अर्पित करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए, आज जानते हैं, भगवान को किस तरह के फूल अर्पित करें और किस तरह के नहीं...

 
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सूखे व बासी फूलों का इस्तेमाल न करें
  • भगवान की पूजा में नए ताजे फूलों का इस्तेमाला करना चाहिए। जो फूल सूख गए हैं, उनका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पुराने बासी फूल भी पूजा में निषेध माने जाते हैं। कुछ फूल ऐसे भी हैं, जो कई दिनों तक बासी नहीं होते हैं। हम इन फूलों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए, जानते हैं वो फूल जो कई दिनों तक भी बासी नहीं होते हैं....


 
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कमल का फूल 
  • कमल का फूल तोड़ने के 10 से 15 दिन तक पूजा में इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि कमल का फूल 10 से 15 दिन तक बासी नहीं होता है।










 

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- फोटो : Social media
तुलसी के पत्ते
  • विष्णु भगवान को सबसे अधिक प्रिय होती है तुलसी। तुलसी के पत्ते तोड़ने के 11 दिनों तक बासी नहीं होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आप पूजा में तोड़े हुए तुलसी के पत्तों का 11 दिनों तक इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके पत्ते 11 दिन तक बासी नहीं होते हैं। विष्णु भगवान की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल करना जरूरी होता है। भगवान विष्णु के भोग में भी तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल होता है। 

 
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बिल्व पत्र
  • भगवान शिव की पूजा में बिल्व पत्र का विशेष महत्व होता है। भोलेनाथ को बिल्व पत्र प्रिय होता है। भगवान शिव को चढ़ाया जाने वाला बिल्व पत्र 6 महीने तक बासी नहीं होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आप पूजा में तोड़े हुए बिल्व पत्र का 6 महीने तक इस्तेमाल कर सकते हैं।
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