Vivah Muhurat Date November and December 2024: हिंदू धर्म में सभी 16 संस्कारों में विवाह एक प्रमुख संस्कार माना गया है। विवाह संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त को बहुत ही खास महत्व दिया जाता है। हिंदू धर्म में किसी भी पूजा, अनुष्ठान, विवाह, शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का विचार अवश्य ही किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में किया जाने वाला कार्य हमेशा सफल और मंगलकारी साबित होता है। इस समय विवाह के लिए कोई भी मुहूर्त नहीं है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार माह के लिए क्षीर सागर में योग निद्रा में चले जाते हैं और इन चार महीनों के लिए शुभ विवाह समेत कई तरह के मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं।
| तारीख | तिथि और नक्षत्र | विवाह मुहूर्त |
| नवंबर 12 | द्वादशी और उत्तर भाद्रपद | सायं 04:04 से 07:10 तक |
| नवंबर 13 | त्रयोदशी और रेवती | दोपहर 03:26 से रात्रि 09:48 तक |
| नवंबर 16 | द्वितीया और रोहिणी | प्रातः 11:48 से अगले दिन 06:47 तक |
| नवंबर 17 | द्वितीया, तृतीया और रोहिणी, मृगशिरा | प्रातः 06:47 से अगले दिन प्रातः 06:4 तक |
| नवंबर 18 | तृतीया और मृगशिरा | प्रातः 06:48 से प्रातः 07:56 तक |
| नवंबर 22 | अष्टमी और मघा | रात्रि 11:44 से अगले दिन प्रातः 06:51 तक |
| नवंबर 23 | अष्टमी और मघा | प्रातः 06:51 से प्रातः 11:42 तक |
| नवंबर 25 | एकादशी और हस्त | रात्रि 01:01 से अगले दिन प्रातः 06:53 तक |
| नवंबर 26 | एकादशी और हस्त | प्रातः 06:53 से अगले दिन प्रातः 04:35 तक |
| नवंबर 28 | त्रयोदशी और स्वाती | प्रातः 07:36 से अगले दिन प्रातः 06:54 तक |
| नवंबर 29 | त्रयोदशी और स्वाती | प्रातः 06:54 से अगले दिन प्रातः 08:39 तक |
दिसंबर 2024 में विवाह के शुभ मुहूर्त
| दिसंबर 4 | चतुर्थी और उत्तराषाढ़ा | सायं 05:15 से अगले दिन रात्रि 01:02 तक |
| दिसंबर 5 | पंचमी और उत्तराषाढ़ा | दोपहर 12:49 से सायं 05:26 तक |
| दिसंबर 9 | नवमी और उत्तर भाद्रपद | दोपहर 02:56 से अगले दिन रात्रि 01:06 तक |
| दिसंबर 10 | दशमी, एकादशी और रेवती | रात्रि 10:03 से अगले दिन प्रातः 06:13 तक |
| दिसंबर 14 | चतुर्दशी और रोहिणी | प्रात: 07:04 से सायं 04:58 तक |
| दिसंबर 15 | पूर्णिमा और मृगशिरा | प्रातः 03:42 से अगले दिन प्रातः 07:04 तक |