विवाह जैसे अनुष्ठानों में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष गणनाओं के आधार पर विवाह के लिए शुभ तिथियों का निर्धारण किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार एक तरफ जहां कुछ मौकों पर विवाह के लिए कुछ तिथियों और माह बहुत ही शुभ मानी गई हैं, तो वहीं कुछ मौकों पर विवाह कार्यक्रम नहीं हो सकते। हिंदू धार्मिक मान्यता के मुताबिक खरमास, मलमास, शुक्र तारा का अस्त होना और देवशयनी पर मांगलिक नहीं किए जाते हैं। क्योंकि, शुभ विवाह के लिए ग्रहों की स्थिति का विशेष ध्यान रखा जाता है। विवाह के लिए सभी 9 ग्रहों में गुरु और शुक्र ग्रह की अहम भूमिका रहती है। इन दोनों ग्रहों के अस्त रहने पर विवाह अनुष्ठान रुक जाते हैं और उदय होने पर विवाह आरंभ हो जाते हैं। इस समय गुरु ग्रह उदय हो गए हैं लेकिन शुक्र अस्त हैं। ऐसे में विवाह के शुभ मुहूर्त अप्रैल माह से शुरू होने वाले हैं। 22 अप्रैल चैत्र शुक्ल दशमी तिथि से मांगलिक कार्य आरंभ होंगे। आइए जानते हैं साल 2021 के बाकी बचे 7 महीने में कब-कब है विवाह के शुभ मुहूर्त...
गुरु तारा के अस्त और उदय की अवधि
17 जनवरी 2021 से गुरु तारा अस्त है। गुरु तारा का विवाह योग के लिए उदय होना जरूरी माना जाता है। माघ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि यानी 13 फरवरी 2021 को उदय हो गए हैं।
शुक्र तारा के अस्त और उदय की अवधि
शुक्र तारा का उदय भी सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों के महत्वपूर्ण माना जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार शुक्र तारा माघ शुक्ल तृतीया यानी 14 फरवरी 2021 से अस्त हैं, जो चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी यानी 18 अप्रैल 2021 को उदय होंगे।
2021 के मांगलिक कार्यों में बाधा
मलमास- 14 जनवरी तक
गुरु तारा अस्त- 17 जनवरी से 13 फरवरी 2021 तक
शुक्र तारा अस्त- 14 फरवरी से 18 अप्रैल 2021 तक
खरमास - 14 मार्च से 13 अप्रैल तक
होलाष्टक- 22 मार्च से 28 मार्च तक
देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक
साल 2021 में अप्रैल से दिसंबर तक विवाह के मुहूर्त
अप्रैल - 22, 24, 25, 26, 27, 28, 29, और 30
मई - 1, 2, 7, 8, 9, 13, 14, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 28, 29 और 30
जून - 3, 4, 5, 16, 20, 22, 23, और 24
जुलाई - 1, 2, 7, 13 और 15
नवंबर - 15, 16, 20, 21, 28, 29 और 30
दिसंबर - 1, 2, 6, 7, 11 और 13