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वट पूर्णिमा व्रत 2018: इन जगहों पर इस दिन होती है वट की पूजा, जानें इस व्रत का फायदा

Wed, 27 Jun 2018 12:16 PM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
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ज्येष्ठ माह के शुल्क पक्ष की पूर्णिमा को वट पूर्णिमा का व्रत मनाया जाता है,जो इस बार 28 जून गुरुवार को हैं। वट पूर्णिमा व्रत महाराष्ट्र,गुजरात और दक्षिण की में रखा जाता है, जबकि उत्तर भारत में यह व्रत सावित्री के रुप मे मनाया जाता हैं, जो ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को होती है।
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2018 में ज्येष्ठ मास में अधिक मास के कारण ज्येष्ठ मास में पूर्णिमा दो बार पड़ रही है। ज्येष्ठ माह की प्रथम पूर्णिमा 29 मई को थी। यह पूर्णिमा अधिक मास में पड़ रही है इसलिए वट पूर्णिमा व्रत ज्येष्ठ पूर्णिमा को रखा जाता है  
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ऐसा माना जाता है कि इस दिन सावित्री ने अपने पति के प्राण वापस ले आयी थी इसलिए उन्हें सती सावित्री कहा जाने लगा। यही वजह है कि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए इस व्रत को रखती हैं 

ऐसे करें व्रत 
महिलाएं इस दिन उपवास रखती हैं और वट वृक्ष के नीचे बैठ कर पूजा आराधना करती हैं। एक बांस की टोकरी मे सात तरह के अनाज रखते जिसे कपड़े के दो टुकड़े से ढ़क देते है दूसरी टोकरी में सावित्री की प्रतिमा रखते है फिर वट वृक्ष को जल,अक्षत,कुमकुम से पूजा करते है फिर लाल मौली से वृक्ष के सात बार चक्कर लगाते हुए ध्यान करते हैं। इसके बाद सभी महिलाएं सावित्री की कथा सुनाती है फिर दान दक्षिणा देतें हैं
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