Vaishakh Month 2026: धर्मग्रंथों में वैशाख मास को अत्यंत पवित्र, पुण्यदायी और देव आराधना के लिए श्रेष्ठ समय माना गया है। यह मास दान, तप, जप और सत्कर्मों का विशेष फल देने वाला बताया गया है। इसकी तुलना एक स्नेहमयी माता से की गई है, जो अपने सभी संतानों की इच्छाओं को पूर्ण करती है। वैशाख मास धर्म, यज्ञ, तपस्या और शुभ क्रियाओं का सार माना गया है और समस्त देवताओं द्वारा पूजनीय है। विशेष रूप से भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए यह मास अत्यंत प्रभावी माना गया है।
6. पंखा दान का पुण्य
गर्मी से पीड़ित लोगों को शीतलता प्रदान करना भी बड़ा पुण्य माना गया है। पंखा दान करने या किसी को हवा करने से व्यक्ति पापों से मुक्त होकर भगवान के समीप स्थान प्राप्त करता है।
7. अन्नदान की महिमा
अन्नदान को सभी दानों में श्रेष्ठ कहा गया है। भूखे व्यक्ति या अतिथि को भोजन कराने से तुरंत पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में संतोष का अनुभव होता है।
8. पादुका और चटाई दान
जरूरतमंद लोगों को जूते-चप्पल या चटाई दान करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। यह दान व्यक्ति को परलोक में भी शुभ फल प्रदान करता है।
9. वस्त्र, फल और शर्बत का दान
गर्मी के समय वस्त्र, फल और शीतल पेय पदार्थों का दान करना विशेष फलदायी माना गया है। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और जीवन के पापों का क्षय होता है।
10. दही, चावल और घी का दान
दही, खांड और चावल का दान करने से दीर्घायु और यज्ञों के समान फल मिलता है। वहीं घी का दान अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल देकर विष्णुलोक की प्राप्ति कराता है, ऐसा शास्त्रों में कहा गया है।