प्रत्येक माह चंद्रमा की घटती बढ़ती कलाओं के कारण पूर्णिमा और अमावस्या तिथि आती है। कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को जब चंद्रमा रात्रि में पूर्णतया दिखाई नहीं देता है तो उसे अमावस्या कहते हैं। इस बार वैशाख माह की अमावस्या तिथि 11 मई 2021 दिन मंगलवार को पड़ रही है। मंगल को भौम भी कहते हैं इसलिए यह अमावस्या भौमवती अमावस्या कहलाएगी। इस दिन दान स्नान, तप और उपवास का विशेष महत्व होता है। अमावस्या तिथि पर पितरों को निमित्त तर्पण, धर्म-कर्म के अन्य अनुष्ठान और कालसर्प दोष निवारण के उपाय करना बहुत उत्तम रहता है। वैशाख मास की अमावस्या तिथि का बहुत महातम्य माना गया है। इसे पितरों को मोक्ष दिलाने वालीअमावस्या बताया गया है। भौमवती अमावस्या पर ज्योतिष की दृष्टि में बेहद ही शुभ माने जाने वाले योगों का निर्माण हो रहा है इसलिए इस तिथि का महत्व और भी बढ़ गया है। तो आइए जानते हैं कि इस दिन कौन से योग बन रहे हैं और इनका क्या फल प्राप्त होता है।