आज तुलसीदास जयंती है। सावन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को महाकवि गोस्वामी तुलसीदास का जन्म हुआ था। रामभक्त तुलसीदास महर्षि वाल्मीकि के अवतार माने जाते हैं। इन्होंने रामचरितमानस की रचना की थी। तुलसीदासजी के दोहो में जीवन का समस्त सार छिपा हुआ है। दोहे में गोस्वामी तुलसीदास जी बताया है कि जब भी जीवन में कोई संकट आए तो उसका हल किस तरह करना चाहिए।
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दोहा
तुलसी साथी विपत्ति के विद्या, विनय, विवेक।
साहस सुकृति सुसत्याव्रत राम भरोसे एक।।
मतलब- तुलसीदासजी के अनुसार मुसीबत आने पर मनुष्य के ये 7 गुण काम आते हैं। ज्ञान, विनम्रता, विवेक, साहस, अच्छे कर्म, सच्चाई और भगवान में आस्था।
ज्ञान- मुसीबत में व्यक्ति ज्ञान ही सबसे बड़ी ताकत होती है जिसका प्रयोग कर बड़ी से बड़ी समस्या का हल प्राप्त किया जा सकता है।
विनम्रता- विनम्रता अच्छे मानव का गहना होता है। मुसीबत में हमेशा विनम्र व्यक्ति ही जीतता है। ये गुण आपको किसी भी मुसीबत से बचा सकता है।
विवेक- अच्छे विवेक से व्यक्ति कठिन से कठिन समय में भी सही फैसला लेता है।
साहस- साहस ऐसा गुण है जो व्यक्ति को मुसीबत से बचाता है। साहसिक व्यक्ति मुश्किल काम को भी आसान बना देता है।
अच्छे कर्म- जो व्यक्ति अच्छा कर्म करता है उसके पास मुसीबत ज्यादा देर तक नहीं टिक पाती।
सच्चाई- विपरीत और कठिन समय में भी सच का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
आस्था- मुश्किल समय में भगवान पर आस्था रखनी चाहिए। तभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
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