गुरुवार (बृहस्पतिवार) का व्रत बेहद ही शुभफलदायी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु (बृहस्पतिदेव) और केले के वृक्ष का पूजन किया जाता है। इस दिन पूजन और व्रत करने के कुंडली में गुरू की स्थिति अचछी होती है। गुरू को आध्यात्मिकता, सफलता और समृद्धि का कारक माना जाता है। गुरूवार का व्रत करने से भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। बृहस्पति की स्थिति मजबूत होने से विवाह में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं इसलिए जिनके विवाह में विलम्ब हो रहा हो तो उसे बृहस्पतिवार का व्रत करना चाहिए। तो चलिए जानते हैं बृहस्पतिवार व्रत की विधि।