आज कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि है। शास्त्रों के अनुसार आज से छठ व्रत की शुरूआत हो जाती है। छठ व्रत रखने वाले व्रती आज से ही सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए नियम-निष्ठा पूर्वक छठ पर्व की तैयारी शुरू करते हैं।
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छठ के पहले व्रत को नहाय खाय के नाम से जाना जाता है, जो आज है। इस दिन व्रती नदी या तालाब में स्नान करके छठ व्रत करने का संकल्प लेते हैं। इस व्रत के दिन कद्दू और सरसों का साग खाने का बड़ा महत्व है।
इसका कारण यह है कि कद्दू को शुद्घ और सात्विक माना जाता है। यह सुपाच्य भी होता है। जबकि सरसों का साग खाने का रिवाज इसलिए है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।
सरसों के साग को शुद्घ भी माना जाता है। छठ पर्व के दौरान लौकी और सरसों का साग बहुतायत में मिलता है। इसलिए भी नहाय खाय में लौकी और सरसों का साग खाया जाता है।