सूतक काल के शुरू होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं
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सूतक काल के शुरू होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। अगर आप मंदिर जाना चाहते हैं तो सूतक लगने से पहले चले जाएं। कोरोना वायरस की वजह से बहुत से मंदिरों में अभी भी भक्तों के प्रवेश पर रोक लगी हुई है, परंतु देश में बहुत से मंदिरों को भक्तों के लिए खोल दिया गया है।
सूतक काल के लगने से सूर्य ग्रहण की समाप्ति तक मंदिर के कपाट बंद ही रखें जाते हैं। देश में उज्जैन का महाकाल मंदिर एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां सूतक का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यहां पर रोज के नियम से ही आरती की जाती है।