साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को लग रहा है। यह सूर्य ग्रहण खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। भारत में ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। ज्योतिषीय दृष्टि से यह सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में लगेगा। भारतीय समय के अनुसार, ग्रहण 14 दिसंबर को शाम 7 बजकर 3 मिनट से शुरू हो जाएगा और 15 दिसंबर की रात 12 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगा।
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बन रहा है यह खतरनाक योग
ज्योतिषीय दृष्टि के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान गुरु चंडाल योग भी बन रहा है। वहीं राहु की दृष्टि देवगुरु बृहस्पति पर पड़ रही है। बृहस्पति मकर राशि में शनि के साथ स्थित हैं। जिन लोगों की जन्म कुंडली में पहले से ही गुरु चंडाल योग बना हुआ है उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सूर्य ग्रहण और ग्रहों की स्थिति के कारण दिसंबर से अप्रैल तक उथल पुथल की स्थिति बनी रहेगी।
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ये राशिवाले रहें सावधान
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य ग्रहण अशुभ प्रभाव मेष, कर्क, मिथुन, कन्या, तुला और मकर राशि में पड़ेगा। ऐसी स्थिति में इन राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। इस दौरान क्रोध और गलत कार्यों को करने से बचें।
कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत में नहीं दिखाई देगा। इस कारण सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण दक्षिण अमेरिका, साउथ अफ्रीका अटलांटिक, हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
सूर्य ग्रहण का सूतक
सूर्य ग्रहण में सूतक काल ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले लग जाता है और ये ग्रहण समाप्ति के साथ ही खत्म होता है। इस अवधि में कई चीजों का विचार किया जाता है। हिन्दू धार्मिक आस्था के केन्द्रों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। पूजा पाठ एवं अन्य प्रकार के मंगल अनुष्ठान रुक जाते हैं और जब ग्रहण समाप्त होता है तो गंगा जल से घर, मंदिर, मूर्तियों को शुद्ध किया जाता है।