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रविवार उपाय: इन कामों को करने से मिलता है सूर्य देव का आशीर्वाद

Sun, 24 May 2020 02:44 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होता है। रविवार का दिन सूर्य भगवान का होता है। इस दिन विधि-विधान से सूर्य देव की पूजा की जाती है। रविवार के दिन सूर्य भगवान की पूजा करने से मनवांछित फल मिलता है। आज हम आपको बताएंगे रविवार के दिन किन कामों को करने से सूर्य भगवान प्रसन्न होते हैं।

 
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सूर्य भगवान को जल चढ़ाएं
  • रविवार के दिन सूर्य देव को जल चढ़ाना चाहिए। सिर्फ रविवार ही नहीं नित्य सूर्य देव को को जल अर्पित करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जल चढ़ाने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।
 
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मंत्र जप करें
  • धार्मिक शास्त्रों में मंत्र जप का विशेष महत्व बताया गया है। सूर्य देव को प्रस्नन करने के लिए इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए....

''एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणाध्र्य दिवाकर।।'




 

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रविवार को गुड़ का दान करना चाहिए
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए रविवार के दिन गुड़ का दान करना चाहिए। इस दिन दान करने का विशेष महत्व होता है। आप अपनी इच्छानुसार भी दान कर सकते हैं।

 
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सूर्य देव की आरती करें....
  • श्री सूर्यदेव की आरती

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।
अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।
फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।
गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।।
स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरंपार।।
प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।
वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।
ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।
 
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