फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भगवान शिव की कृपा से बन जाते हैं सभी काम, जानिए सोमवार व्रत का महत्व और पूजाविधि

Tue, 11 Feb 2025 05:02 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सोमवार का व्रत रखने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
विज्ञापन
सोमवार पूजा विधि - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं और पूरे दिन शिवलिंग का जलाभिषेक, मंत्र जाप और पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सोमवार का व्रत रखने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

विज्ञापन


सोमवार व्रत का महत्व
सोमवार व्रत केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और मानसिक शांति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। शिवजी को त्रिलोकेश्वर कहा जाता है, अर्थात वे तीनों लोकों के स्वामी हैं और उनकी आराधना से भक्त को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। यह व्रत आत्मसंयम, धैर्य और भक्ति का प्रतीक है, जो व्यक्ति को अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। ग्रंथों में वर्णन मिलता है कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी और सोमवार के दिन विशेष व्रत का पालन किया था। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसी कारण यह व्रत विशेष रूप से विवाह योग्य कन्याओं के लिए शुभ माना जाता है।

सोमवार व्रत पूजा विधि
सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा विशेष विधि से करनी चाहिए। प्रातःकाल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। व्रत का संकल्प लेकर घर के पूजा स्थल या किसी शिव मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग की विधिपूर्वक पूजा करें। सबसे पहले जल, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। यह अभिषेक पंचामृत से किया जाता है, जिससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इसके बाद शुद्ध जल से पुनः स्नान कराएं और बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, अक्षत (साबुत चावल) और भस्म अर्पित करें। भगवान शिव को सफेद वस्त्र, भांग और प्रसाद में मिठाई अर्पित करें। धूप और दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ तथा महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। शिव पुराण में बताया गया है कि सोमवार के दिन शिव कथा का श्रवण और पाठ करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। भक्तों को इस दिन शिव चालीसा और रुद्राष्टकम का पाठ भी करना चाहिए।
विज्ञापन


इस व्रत के दौरान उपवास रखना अति महत्वपूर्ण होता है। जो भक्त पूर्ण व्रत नहीं कर सकते, वे फलाहार कर सकते हैं। शाम को पुनः भगवान शिव की पूजा कर आरती करें और सात्विक भोजन ग्रहण करें। इस व्रत को करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
विज्ञापन


Somwar Ke Upay: भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सोमवार को करें ये पांच काम, सुख-समृद्धि में भी होगी वृद्धि

यह व्रत विशेष रूप से इन लोगों के लिए लाभकारी होता है
अविवाहित युवक-युवतियां – यह व्रत उन लोगों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है जो योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की कामना करते हैं।
विवाहित स्त्री-पुरुष – जो लोग अपने दांपत्य जीवन को सुखद और मधुर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी होता है।
मानसिक शांति चाहने वाले – यह व्रत मानसिक और आत्मिक शांति प्रदान करता है, जिससे जीवन में संतुलन बना रहता है।
आर्थिक समस्या से जूझ रहे लोग – जो लोग आर्थिक परेशानियों और कर्ज से मुक्ति पाना चाहते हैं, उन्हें इस व्रत को अवश्य करना चाहिए।
नौकरी और व्यापार में सफलता के इच्छुक लोग – करियर और व्यापार में उन्नति के लिए यह व्रत अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें