इस वर्ष 15 अप्रैल को चैत्र शुक्ल पूर्णिमा तिथि है। इस पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है। वैशाख मास को शास्त्रों में कार्तिक मास की तरह ही पुण्य मास कहा गया है।
स्कंद पुराण के अनुसार ब्रह्मा जी कहते हैं कि यह सभी मासों में सबसे उत्तम मास है। इस मास में मनुष्य मोक्ष प्राप्ति के उपाय आसानी से कर सकता है।
स्कंद पुराण कहता है सुबह करें यह काम
स्कंद पुराण में कहा गया है कि पुण्य और मोक्ष की चाहत रखने वालों को जेष्ठ पूर्णिमा तक नियमित सूर्योदय से पहले स्नान कर लेना चाहिए। इस मास सूर्योदय के बाद स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति नहीं होती है।
इस महीने नहीं करें यह काम
पुराण के अनुसार वैशाख मास में मोक्ष पाने योग्य पुण्य की प्राप्ति के लिए शरीर में तेल नहीं लगाना चाहिए। इस मास के देवता भगवान मधुसूदन हैं।
इनकी कृपा पाने के लिए दिन के समय सोने से बचना चाहिए। रात में भोजन एवं मांस-मछली, मदिरा आदि के सेवन से परहेज रखना चाहिए। इन दिनों पति पत्नी को समागम से भी बचना चाहिए।
इस महीने जरुर करें यह काम
शास्त्रों में बताया गया है कि पुण्य की प्राप्ति के लिए वैशाख मास में हर मनुष्य को पंखा, फल, घड़ा और जल का दान करना चाहिए। गेहूं, चना, जौ का दाना उत्तम फलदायी होता है। जौ दान करने से सोना दान करने का फल मिलता है।