सनातन परंपरा में सर्प देवता की पूजा श्रद्धा विश्वास के साथ की जाती है। सर्प भगवान शिव के गले में हार और भगवान विष्णु की शैय्या समेत तमाम देवी-देवताओं से किसी न किसी तरह जुड़े हुए हैं। बात करें नाग पूजा की तो हमारे यहां अनन्त, वासुकी, तक्षक कर्कोटक, महापद्म, नील, शंखपाल, कुलिक, कालिया नाग की पूजा बताई गई है।