हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार किसी भी मांगलिक कार्य करने से पहले शुभ मुहूर्त जरूर देखा जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त और शुभ तिथि में किया जाने वाला कोई भी काम जरूर सफल और विशेष फलदायी होता हैं। विवाह संपन्न कराने के लिए शुभ मुहूर्त और शुभ तिथि जरूर देखी जाती है।
विवाह के अलावा इस बार खरीदारी के लिए 8 महाशुभ मुहूर्त बन रहे हैं। जिसमें 4 गुरु पुष्य योग शुभ मुहू्र्त और 4 रवि पुष्य योग शुभ मुहूर्त होंगे।
तारीख दिन तिथि
15 जनवरी बुध माघ कृ. पंचमी
16 जनवरी गुरु माघ कृ. षष्ठी
17 जनवरी शुक्र माघ कृ. सप्तमी
18 जनवरी शनि माघ कृ. नवमी
19 जनवरी रवि माघ कृ. दशमी
20 जनवरी सोम माघ कृ. एकादशी
26 जनवरी रवि माघ शु. द्वितीया
29 जनवरी बुध माघ शु. चतुर्थी
30 जनवरी गुरु माघ शु. पंचमी
31 जनवरी शुक्र माघ शु. षष्ठी
तारीख दिन तिथि
तारीख दिन तिथि
तारीख दिन तिथि
16 अप्रैल गुरु वैशाख कृ. नवमी
17 अप्रैल शुक्र वैशाख कृ. दशमी
25 अप्रैल शनि वैशाख शु. द्वितीया
26 अप्रैल रवि वैशाख शु. तृतीया
तारीख़ दिन तिथि
1 मई शुक्र वैशाख शु. अष्टमी
2 मई शनि वैशाख शु. नवमी
4 मई सोम वैशाख शु. एकादशी
5 मई मंगल वैशाख शु. त्रयोदशी
6 मई बुध वैशाख शु. चतुर्दशी
15 मई शुक्र ज्येष्ठ कृ. अष्टमी
17 मई रवि ज्येष्ठ कृ. दशमी
18 मई सोम ज्येष्ठ कृ. एकादशी
19 मई मंगल ज्येष्ठ कृ. द्वादशी
23 मई शनि ज्येष्ठ शु. प्रतिपदा
तारीख़ दिन तिथि
11 जून गुरु आषाढ़ कृ. षष्ठी
15 जून सोम आषाढ़ कृ. दशमी
17 जून बुध आषाढ़ कृ. एकादशी
27 जून शनि आषाढ़ शु. सप्तमी
29 जून सोम आषाढ़ शु. नवमी
30 जून मंगल आषाढ़ शु. दशमी
तारीख़ दिन तिथि
27 नवंबर शुक्र कार्तिक शु. द्वादशी
29 नवंबर रवि कार्तिक शु. चतुर्दशी
30 नवंबर सोम कार्तिक पूर्णिमा
तारीख़ दिन तिथि
1 दिसंबर मंगल मार्गशीर्ष कृ. प्रतिपदा
7 दिसंबर सोम मार्गशीर्ष कृ. सप्तमी
9 दिसंबर बुध मार्गशीर्ष कृ. नवमी
10 दिसंबर गुरु मार्गशीर्ष कृ. दशमी
11 दिसंबर शुक्र मार्गशीर्ष कृ. एकादशी