माघ माह में शुक्ल पक्ष की षष्ठी (छठी) तिथि को शीतला षष्ठी का व्रत किया जाता है। इस बार शीतला षष्ठी व्रत 3 फरवरी 2021 को पड़ रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शीतला षष्ठी का व्रत करने से दैहिक और दैविक ताप से मुक्ति प्राप्त होती है। माना जाता है कि पुत्र की इच्छा रखने वालों के लिए यह व्रत बहुत शुभफलदायी रहता है। इस व्रत को मुख्य रूप से स्त्रियों के द्वारा किया जाता है। इस दिन व्रत और शीतला माता का पूजन करने से चेचक रोग से भी बचाव होता है। शीतला षष्ठी तिथि को घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता है, सभी परिवारजन बासी ठंडा भोजन करते हैं। व्रत में चढ़ाए जाने वाला भोग जैसे रावड़ी, हलवा, पूरी और गुलगुले आदि रात को ही बनाकर तैयार कर लिए जाते हैं। माता शीतला को शीतल चीजें पसंद हैं इसलिए उन्हें भी ठंडा भोग ही लगाया जाता है। इस दिन गर्म पानी से स्नान करना भी वर्जित माना गया है। व्रत रखने वाले को शीतल जल से ही स्नान करना चाहिए। शीतला माता की विधिवत् पूजा करने के पश्चात शीतला षष्ठी की कथा भी अवश्य पढ़नी चाहिए। तो चलिए जानते हैं शीतला षष्ठी व्रत की कथा।