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Shardiya Navratri 2024: नवरात्रि में बोए हुए जौ के रंग से जानें आपके लिए शुभ या अशुभ

Wed, 25 Sep 2024 03:03 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कलश स्थापना के लिए शुभ समय का विशेष महत्व होता है क्योंकि कलश स्थापना के बिना पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है और पूजा का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है। कलश स्थापित करते समय जौ भी बोया जाता है। शास्त्रों के अनुसार जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी तब सबसे पहले फसल के रूप में जौ उगाया था।
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shardiya navratri - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Shardiya Navratri 2024: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना का विशेष महत्व है। इसलिए नवरात्रि के पहले दिन सभी लोग कलश स्थापित कर पूजा की शुरुआत करते हैं। ऐसा माना जाता है कि देवी मां दुर्गा कलश में निवास करती हैं और पूरे नवरात्रि में उनकी पूजा की जाती है। कलश स्थापना के लिए शुभ समय का विशेष महत्व होता है क्योंकि कलश स्थापना के बिना पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है और पूजा का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है। कलश स्थापित करते समय जौ भी बोया जाता है। 

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शास्त्रों के अनुसार जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी तब सबसे पहले फसल के रूप में जौ उगाया था। इसीलिए जौ को सृष्टि की प्रेम फसल के रूप में भी जाना जाता है। कलश स्थापना के समय नवरात्रि के प्रेम दिन साधक जौ बोते हैं। ऐसा माना जाता है कि जौ उगने के बाद उसका रंग साधक को उसके भविष्य का संकेत देता है। आइए जानते हैं इसके बारे में। 

क्या है शुभ संकेत 
यदि नवरात्रि के पहले दिन बोई गई जौ अधिक हरी हो जाए तो यह एक शुभ संकेत माना जाता है। यदि जौ तेजी से बढ़ने लगे तो यह भी एक अच्छा संकेत है। ऐसा माना जाता है कि इस तरह से जौ उगाना इस बात का संकेत है कि जल्द ही आपके घर से नकारात्मक भावनाएं दूर हो जाएंगी। इसके अलावा, जौ का तेजी से बढ़ना इस बात का संकेत देता है कि आपका घर जल्द ही खुशहाल और अधिक समृद्ध होगा। इससे यह भी पता चलता है कि देवी दुर्गा आप पर प्रसन्न हैं और उनका आशीर्वाद आपके परिवार पर है।
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क्या है अशुभ संकेत
यदि कलश स्थापना के दिन बोई गई जौ सूख जाती है या उगने के बाद झड़ने लगती है तो यह अशुभ माना जाता है। जौ का सूखना या गिरना इस बात का संकेत देता है कि साधक के जीवन में कोई संकट आने वाला है। जौ का गिरना या सूखना आपके पारिवारिक जीवन में कलह की संभावना का भी संकेत देता है। यदि कलश स्थापना के नौ दिन बाद भी जौ नहीं उगते या पीले हो जाते हैं तो इसका मतलब है कि आपके परिवार में बड़ी समस्या आने वाली है।

कलश स्थापना शुभ मुहूर्त 
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करने के लिए दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। कलश स्थापना के लिए पहला शुभ मुहूर्त सुबह 6: 15 मिनट से 7:22 मिनट तक है। घट स्थापना के लिए कुल अवधि: 1 घंटा 6 मिनट तक ।
दोपहर में भी कलश स्थापना का मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त में है।  दिन में आप 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट के बीच कभी भी कलश स्थापना कर सकते हैं।  दोपहर में कलश स्थापना की कुल अवधि 47 मिनट रहेगा। 
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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