नवरात्रि में मां को मनाने के लिए भक्त पूरे विधि-विधान से मां की पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं। मां की अनुकंपा पाने के लिए 17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि के नौं दिन आरंभ होने वाले हैं, वैसे तो दुर्गा सप्तशती के पाठ को करने से हमेशा ही मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। लेकिन नवरात्रि के दिनों में दुर्गा सप्तशती की पाठ का विशेष महत्व माना गया है। दुर्गा सप्तशती के पाठ को करने से समस्त संकटो मुक्ति मिलती है। इस पाठ में 13 अध्याय हैं। इन अध्यायों को तीन भागों में बांटा गया है। हर अध्याय का अपना एक अलग महत्व है। लेकिन दुर्गासप्तशती का पाठ पूरे नियम और सावधानी के साथ करना चाहिए। आप इसे रोजाना पूरा भी पढ़ सकते हैं अगर आपके पास इतना समय न हो तो इसे क्रंमानुसार इसे सात दिनों में भी पूर्ण कर सकते हैं। इस पाठ को करने से शांति, धन, सुख- समृद्धि, यश और मान- सम्मान में वृद्धि होती है। इसके अध्यायों का पाठ करने अलग-अलग मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जानते हैं किस मनोकामना के लिए कौन सा पाठ किया जाता है।