फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shani Upay: शनि पीड़ा से मुक्ति चाहते हैं, तो जरूर करें ब्रह्मा जी द्वारा बताया गया ये उपाय

Sat, 19 Nov 2022 08:55 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली

सार

कुंडली में शनि के कमजोर होने के कारण व्यापार में परेशानी, नौकरी से छूट, अवांछित स्थान पर स्थानान्तरण, पदोन्नति में रुकावट और कर्ज आदि हो सकते हैं। यदि आप इस प्रकार की समस्या से परेशान हैं, तो आपको कुछ उपाय अवश्य करना चाहिए।
विज्ञापन
शनि पीड़ा से मुक्ति के लिए करें ये उपाय - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Shani Peeda Mukti Upay: वैदिक ज्योतिष में शनि को पाप ग्रह कहा गया है, लेकिन शनि शत्रु नहीं, मित्र है। शनि कलयुग का न्यायाधीश है और लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल देता है। शनि ग्रह की शांति के लिए कई उपाय किए जाते हैं। इनमें शनिवार के व्रत, हनुमान जी की पूजा, शनि मंत्र, शनि यंत्र, दान आदि के प्रमुख उपाय हैं। शनि कर्म का स्वामी है, इसलिए शनि के अच्छे प्रभाव से रोजगार और व्यवसाय में उन्नति होती है। वहीं कुंडली में शनि के कमजोर होने के कारण व्यापार में परेशानी, नौकरी से छूट, अवांछित स्थान पर स्थानान्तरण, पदोन्नति में रुकावट और कर्ज आदि हो सकते हैं। यदि आप इस प्रकार की समस्या से परेशान हैं, तो आपको कुछ उपाय अवश्य करना चाहिए। शनि देव की पीड़ा से बचने के लिए शास्त्रों में कई तरह के उपायों का वर्णन मिलता है। इन्हीं उपायों में से एक उपाय सृष्टि के रचनाकार भगवान ब्रह्मा ने भी बताया है। भविष्य पुराण के अनुसार मुनि पिप्पलाद को जब पता चल कि उन्हें बचपन में जो भी परेशानी थी उसका कारण शनि ग्रह थे तो उन्होंने क्रोध में आकर शनिदेव को आकाश से गिरा दिया। तब ब्रह्माजी ने पिप्पलाद मुनि को क्रोध करने की जगह शांति से शनि देव का पूजन करने की सलाह दी थी। इसी समय उन्होंने शनि ग्रह की पीड़ा से बचने के उपाय भी बताए थे। आइए जानते हैं क्या है वो उपाय। 

विज्ञापन


Shani Dev Aarti Lyrics: शनिवार को पूजा के दौरान जरूर करें शनि देव की आरती, हर मनोकामना होगी पूरी
विज्ञापन


शनि पीड़ा से मुक्ति  का उपाय
भविष्य पुराण के आधार पर ब्रह्माजी द्वारा मुनि पिप्पलाद को शनि ग्रह की पीड़ा से छुटकारा पाने के लिए जो सलाह दी गई थी वो इस प्रकार है- 

  • शनिवार को खुद शरीर पर तेल लगाकर ब्राह्मणों को भी तेल दान करना चाहिए। 
  • लोहे के पात्र में तेल भरकर उसमें शनि की लोहे की प्रतिमा बनाकर एक वर्ष तक हर शनिवार को उसका पूजन करना चाहिए।  
  • इसके बाद काले फूल, काले कपड़ों, तिल, कसार, भात आदि से शनि देव का पूजन करना चाहिए।  
  • पूजन के बाद काली गाय, काला कंबल, तिल का तेल और दक्षिणा सहित सारी वस्तुएं ब्राह्मण को दान करने चाहिए। 
  • शनि का पूजन करते हुए यजुर्वेद के मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है: ‘शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये.शं योरभि स्त्रवन्तु न:।।’
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें